एसईसीएल के पुनर्वास ग्रामों को मॉडल के रूप में विकसित करें: कलेक्टर

तरदा, बिरदा, जहराजेल और दर्री के पुनर्वास स्थलों का निरीक्षण; विस्थापन से पहले सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश

कोरबा। एसईसीएल के कुसमुंडा, गेवरा और दीपका क्षेत्र में खदान विस्तार के लिए अधिग्रहित गांवों के प्रभावित परिवारों को बेहतर पुनर्वास सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश कलेक्टर कुणाल दुदावत ने दिए हैं।

उन्होंने कहा कि सभी पुनर्वास स्थलों को मॉडल ग्राम के रूप में विकसित किया जाए, जहां सड़क, पेयजल, जल निकासी सहित जरूरी बुनियादी सुविधाएं बेहतर ढंग से उपलब्ध हों।

निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं, ताकि वहां बसने वाले परिवारों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

शुक्रवार को कलेक्टर ने एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र के अधिग्रहित ग्राम पाली-पड़निया के लिए ग्राम तरदा के जंगलपारा, गेवरा क्षेत्र के अधिग्रहित ग्राम भिलाईबाजार के लिए ग्राम बिरदा तथा ग्राम नरईबोध के लिए गेवरा- इमलीछापर रोड स्थित ग्राम जहराजेल में विकसित किए जा रहे पुनर्वास स्थलों का निरीक्षण किया। इसके अलावा अधिग्रहित ग्राम रलिया के पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना के लिए ग्राम दर्री में विकसित किए जा रहे स्थल की व्यवस्थाएं भी देखीं।

सड़क, पेयजल और जल निकासी पर जोर
कलेक्टर ने तरदा जंगलपारा स्थित पुनर्वास स्थल पर भूखंडों का समतलीकरण, पेयजल आपूर्ति, ड्रेनेज और पानी निकासी की व्यवस्था तथा पहुंच मार्ग निर्माण को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बिरदा, जहराजेल और दर्री के पुनर्वास स्थलों पर भी जमीन समतलीकरण, सड़क निर्माण, पेयजल आपूर्ति और जल निकासी की व्यवस्था बेहतर बनाने को कहा। एसईसीएल अधिकारियों को सभी स्थलों पर निर्माण कार्यों की गति बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।

कलेक्टर ने कहा कि पुनर्वास स्थलों का विकास सुनियोजित तरीके से किया जाए। वहां रहने वाले परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएं। पुनर्वास ग्रामों में पार्क और खेल मैदान के लिए भी जगह निर्धारित की जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि लोगों को निर्बाध पेयजल आपूर्ति मिल सके।

पुनर्वास स्थल तैयार होने के बाद ही शुरू हो विस्थापन
कलेक्टर ने एसईसीएल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए कि अधिग्रहित गांवों के परिवारों के विस्थापन की प्रक्रिया पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना स्थल पूरी तरह तैयार होने और वहां सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के बाद ही शुरू की जाए। पुनर्वास स्थलों पर सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित किए बिना परिवारों को स्थानांतरित नहीं किया जाना चाहिए।

निरीक्षण के दौरान कटघोरा एसडीएम विपिन दुबे,अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल,संबंधित क्षेत्रों के महाप्रबंधक, तहसीलदार और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।