गोल्ड लोन कंपनियों में भी कम शुद्धता के आभूषण गिरवी रखकर लेते थे ऋण; नकदी, सोने के जेवर, डिजिटल तौल मशीन और कार जब्त
कोरबा। कम कैरेट के सोने को 22 कैरेट बताकर लोगों को बेचने और गोल्ड लोन कंपनियों में गिरवी रखकर ऋण हासिल करने के आरोप में सिविल लाइन रामपुर पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों के कब्जे से सोने के आभूषण, नकदी, बैंक जमा पर्ची, डिजिटल तौल मशीन और वारदात में इस्तेमाल की गई हुंडई आई-10 कार जब्त की गई है। चारों आरोपियों को न्यायालय के आदेश पर न्यायिक रिमांड में जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, मामले में अपराध क्रमांक 908/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 3(5) के अंतर्गत धोखाधड़ी का अपराध दर्ज किया गया है। ग्राम कोरबी धतुरा निवासी संजय श्रीवास (46) ने शिकायत की थी कि गांव के इंद्रेश साहू ने उसे 3.75 ग्राम वजन का 22 कैरेट सोने का लॉकेट होने की बात कहकर 45 हजार रुपये में बेच दिया।
शिकायत के मुताबिक, 28 अक्टूबर 2026 को इंद्रेश अपने साथियों के साथ सफेद कार से घंटाघर कोरबा पहुंचा और संजय से 45 हजार रुपये लेकर लॉकेट दे दिया। बाद में संजय ने दिव्य ज्वेलर्स में लॉकेट की जांच कराई तो उसकी शुद्धता 22 कैरेट के बजाय 18 कैरेट बताई गई। इसके बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पूछताछ में गिरोह की कार्यप्रणाली का खुलासा
एसपी सिद्धार्थ तिवारी के मार्गदर्शन में सिविल लाइन रामपुर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। प्रार्थी की निशानदेही और उपलब्ध जानकारी के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी इंद्रेश कुमार साहू को उसके तीन अन्य साथियों के साथ घटना में प्रयुक्त आई-10 कार सहित पकड़ा।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने आपसी समन्वय से सोने के आभूषणों की खरीद-बिक्री और उन्हें विभिन्न गोल्ड लोन संस्थाओं में गिरवी रखने की बात बताई। पुलिस का आरोप है कि 18 या 20 कैरेट शुद्धता वाले आभूषणों को 22 कैरेट का बताकर लोगों को बेचा जाता था। इसी तरह कम शुद्धता वाले आभूषणों को गोल्ड लोन कंपनियों में गिरवी रखकर ऋण लिया जाता था और उससे प्राप्त लाभ आपस में बांटा जाता था।
विवेचना में मणप्पुरम फाइनेंस, जना बैंक, आईएफएल सहित अन्य वित्तीय संस्थाओं में आभूषण गिरवी रखकर ऋण लेने से जुड़े तथ्य सामने आने की बात पुलिस ने कही है। इन लेन-देन, आभूषणों की वास्तविक शुद्धता, हॉलमार्क की सत्यता और उनके स्रोत की जांच की जा रही है।
नकदी, सोने के जेवर और कार जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अलग-अलग सामग्री जब्त की है। इंद्रेश कुमार साहू से 2,100 रुपये नकद और 40 हजार रुपये की एसबीआई एटीएम जमा पर्ची, जबकि लिलेश्वर सिन्हा से एक हजार रुपये नकद बरामद किए गए। मनीष देवांगन से वारदात में प्रयुक्त हुंडई आई-10 कार क्रमांक CG05AE-8013 जब्त की गई।
वहीं, आशीष गर्ग उर्फ आशु से दो सोने के लॉकेट (7.89 ग्राम), दो जोड़ी सोने की झुमकी (13.40 ग्राम, 20 कैरेट), दो महिला अंगूठियां (6.54 ग्राम, 20 कैरेट), एक पुरुष अंगूठी (3.80 ग्राम) और बैटरी से चलने वाली ग्रे रंग की मिनी डिजिटल तौल मशीन जब्त की गई।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
इंद्रेश कुमार साहू उर्फ हरिओम (31 वर्ष), निवासी ग्राम कोरबी धतुरा, थाना हरदीबाजार, जिला कोरबा।
लिलेश्वर सिन्हा (52 वर्ष), निवासी पार्वती नगर, गुढ़ियारी, जिला रायपुर।
मनीष देवांगन उर्फ राहुल (47 वर्ष), निवासी सुंदरनगर, थाना डीडी नगर, जिला रायपुर।
आशीष गर्ग उर्फ आशु (29 वर्ष), निवासी गौतम कॉलोनी, नरेला, दिल्ली।
पुलिस ने बताया कि पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। न्यायालय के आदेश पर उन्हें न्यायिक रिमांड में जिला जेल भेज दिया गया है। मामले में आभूषणों के स्रोत, हॉलमार्क की प्रमाणिकता, गोल्ड लोन कंपनियों से हुए लेन-देन और अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भूमिका की जांच जारी है।
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