अजय जायसवाल की अगुवाई में बैठक,भू-विस्थापित श्रमिकों की मांगों पर बनी सहमति

गेवरा CGM कार्यालय में वेतन, बोनस और सुरक्षा सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा; दिवाली से पहले बोनस, पेमेंट स्लिप और सुरक्षा उपकरण देने पर प्रबंधन ने जताई सहमति

कोरबा। एसईसीएल (SECL) गेवरा खदान में कार्यरत निजी ठेका कंपनी पीएनसी (PNC) सहित अन्य कंपनियों के भू-विस्थापित श्रमिकों की विभिन्न मांगों को लेकर 29 अक्टूबर को गेवरा मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय में बैठक हुई। पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष अजय जायसवाल के नेतृत्व में श्रमिकों ने वेतन, बोनस, लंबित भुगतान, सुरक्षा व्यवस्था और भर्ती में स्थानीय बेरोजगारों को प्राथमिकता देने सहित कई मुद्दे उठाए। बैठक में प्रबंधन की ओर से इन मांगों पर सहमति जताए जाने की बात कही गई।

इससे पहले 27 अक्टूबर को श्रमिकों ने इन्हीं मांगों को लेकर खदान में करीब छह घंटे तक काम बंद कर आंदोलन किया था। इसके बाद प्रबंधन ने 29 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे बैठक निर्धारित की थी। तय समय पर अजय जायसवाल और श्रमिक गेवरा सीजीएम कार्यालय पहुंचे, लेकिन मुख्य महाप्रबंधक की अनुपस्थिति में बैठक किए जाने की बात सामने आई। इस पर जायसवाल ने आपत्ति जताई और मुख्य महाप्रबंधक की मौजूदगी में ही चर्चा करने की मांग करते हुए श्रमिकों के साथ कार्यालय के गेट पर धरने पर बैठ गए।

करीब एक घंटे बाद मुख्य महाप्रबंधक अशोक कुमार के पहुंचने पर बैठक शुरू हुई। इसमें एसईसीएल प्रबंधन और संबंधित ठेका कंपनियों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में श्रमिकों की समस्याओं पर चर्चा की गई।

हाई पावर कमेटी के अनुसार भुगतान और बोनस का मुद्दा उठा

बैठक में हाई पावर कमेटी के निर्धारित मानकों के अनुसार वेतन भुगतान, दो माह से लंबित वेतन, बोनस, श्रमिकों को पेमेंट स्लिप और पहचान पत्र उपलब्ध कराने, सुरक्षा उपकरण देने तथा ठेका कंपनियों द्वारा कथित शोषण जैसे मुद्दे उठाए गए। इसके अलावा भर्ती प्रक्रिया में स्थानीय बेरोजगारों और भू-विस्थापितों को प्राथमिकता देने की मांग भी रखी गई।

अजय जायसवाल ने प्रबंधन से श्रमिकों की मांगों का गंभीरता से पालन कराने और वेतन संबंधी विसंगतियों को दूर करने की बात कही। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि श्रमिकों के साथ समस्याओं की पुनरावृत्ति हुई, तो दोबारा खदान बंद कर आंदोलन किया जाएगा।

दिवाली से पहले बोनस देने पर सहमति

बैठक के बाद दी गई जानकारी के अनुसार, मुख्य महाप्रबंधक अशोक कुमार ने श्रमिकों को हाई पावर कमेटी के अनुसार भुगतान करने, पेमेंट स्लिप उपलब्ध कराने और सुरक्षा उपकरण देने पर सहमति जताई। दिवाली से पहले सभी कर्मचारियों को बोनस प्रदान करने तथा भर्ती प्रक्रिया में स्थानीय भू-विस्थापितों को पहली प्राथमिकता देने के मुद्दे पर भी सहमति बनने की बात कही गई।

बैठक में बांकी मोंगरा के नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास, शेत मसीह, सांसद प्रतिनिधि, कमलेश प्रजापति, गोविंदा सारथी, विक्की राज, अनिल कुमार, संतोष यादव, सुजीत महंत, राजकुमार पटवा, राकेश राजपूत सहित बड़ी संख्या में ठेका कंपनियों में कार्यरत श्रमिक उपस्थित रहे।