एसईसीएल ने स्क्रैप निपटान से कमाए ₹26.17 करोड़, स्पेशल कैंपेन-6 में लक्ष्य से बढ़कर किया काम

226 स्थलों पर 47 लाख वर्गफुट से अधिक क्षेत्र में स्वच्छता, 4,602 मीट्रिक टन स्क्रैप का निपटान; ई-फाइलों और रिकॉर्ड प्रबंधन में भी उल्लेखनीय प्रगति

बिलासपुर। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने स्पेशल कैंपेन-6 के तहत स्वच्छता, स्क्रैप निपटान, उपलब्ध स्थान के बेहतर उपयोग और रिकॉर्ड प्रबंधन के क्षेत्र में निर्धारित लक्ष्यों से अधिक उपलब्धि हासिल की है। अभियान के दौरान कंपनी ने स्क्रैप के निपटान से ₹26.17 करोड़ का राजस्व अर्जित किया, जबकि स्वच्छता गतिविधियों का विस्तार 226 स्थलों तक किया गया।

एसईसीएल ने 225 स्थलों पर स्वच्छता गतिविधियां संचालित करने के लक्ष्य के मुकाबले 226 स्थलों पर कार्य किया। इसी तरह 40 लाख वर्गफुट क्षेत्र में स्वच्छता के निर्धारित लक्ष्य को पार करते हुए 47 लाख वर्गफुट से अधिक क्षेत्र में सफाई एवं सुव्यवस्थीकरण का कार्य किया गया।

लक्ष्य से अधिक 4,602 मीट्रिक टन स्क्रैप का निपटान

अभियान के अंतर्गत एसईसीएल ने 3,300 मीट्रिक टन स्क्रैप निपटान के लक्ष्य के मुकाबले 4,602 मीट्रिक टन स्क्रैप का निपटान किया। इससे कंपनी को लगभग ₹26.17 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ। स्क्रैप निपटान की इस पहल से अनुपयोगी सामग्री के व्यवस्थित निपटारे और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिला है।

भौतिक और ई-फाइलों के निपटान में भी तेजी

स्पेशल कैंपेन-6 के तहत रिकॉर्ड प्रबंधन और लंबित प्रकरणों के निस्तारण में भी एसईसीएल ने निर्धारित लक्ष्यों से अधिक काम किया है। कंपनी ने 500 भौतिक फाइलों की समीक्षा के लक्ष्य के मुकाबले 2,100 फाइलों की समीक्षा की। वहीं, 200 फाइलों की छंटनी के लक्ष्य के विरुद्ध 872 भौतिक फाइलों की नियमानुसार छंटनी की गई।

इलेक्ट्रॉनिक फाइलों के मामले में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई। 7,000 ई-फाइलों की समीक्षा के लक्ष्य के मुकाबले 14,215 ई-फाइलों की समीक्षा की गई, जबकि 3,000 ई-फाइलों के निस्तारण के लक्ष्य के विरुद्ध 13,708 ई-फाइलों का निस्तारण किया गया। इन प्रयासों से रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिली है।

ई-वेस्ट प्रबंधन को बढ़ावा, ‘वेस्ट टू वेल्थ’ पर जोर

अभियान के तहत इलेक्ट्रॉनिक कचरे यानी ई-वेस्ट के संग्रहण, पृथक्करण और सुरक्षित निपटान पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एसईसीएल मुख्यालय, बिलासपुर में पुराने और अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जमा करने के लिए विशेष ई-वेस्ट संग्रहण बिन स्थापित किया गया है। इसकी खासियत यह है कि इसका निर्माण भी अनुपयोगी सामग्री से किया गया है। यह ‘वेस्ट टू वेल्थ’ यानी कचरे को उपयोगी संसाधन में बदलने की अवधारणा को दर्शाता है।

कंपनी के विभिन्न संचालन क्षेत्रों में भी ई-वेस्ट संग्रहण और जागरूकता संबंधी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

उल्लेखनीय है कि स्पेशल कैंपेन-6 का क्रियान्वयन चरण 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित है।अभियान के प्रमुख उद्देश्यों में स्वच्छता, ई-वेस्ट प्रबंधन, उपलब्ध स्थान का बेहतर उपयोग, स्क्रैप निपटान, रिकॉर्ड प्रबंधन और लंबित प्रकरणों का निस्तारण शामिल हैं।

एसईसीएल इन गतिविधियों के माध्यम से कार्यस्थलों को स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित बनाने, संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की दिशा में प्रयासरत है।