भटोरा फेस की हैवी ब्लास्टिंग से ग्रामीणों में दहशत, कलेक्टर से रोक लगाने की मांग

कोरबा। एसईसीएल की गेवरा परियोजना के भटोरा फेस में हो रही हैवी ब्लास्टिंग को लेकर ग्राम भिलाई बाजार के ग्रामीणों ने सुरक्षा संबंधी चिंता जताई है। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद ब्लास्टिंग जारी है और इससे गांव के मकानों, जलस्रोतों तथा अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है।

मामले में समाजसेवी प्रदीप जायसवाल ने जिला कलेक्टर को आवेदन सौंपकर हैवी ब्लास्टिंग पर तत्काल रोक लगाने और प्रभावित क्षेत्र की जांच कर ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

आवेदन में उल्लेख किया गया है कि ग्रामीण एसईसीएल गेवरा परियोजना प्रबंधन और जिला प्रशासन को पहले भी कई बार लिखित शिकायतें दे चुके हैं। इसके बावजूद दोपहर के समय ब्लास्टिंग किए जाने की बात कही गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बनी इस स्थिति से गांव में भय और असुरक्षा का माहौल है। उन्होंने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए समय रहते हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।

बोरवेल धंसने की घटनाओं की जांच की मांग
प्रदीप जायसवाल द्वारा दिए गए आवेदन में ग्राम निवासी गोविंद जायसवाल और श्रीमती राखी राय के यहां बोरवेल धंसने की घटनाओं का उल्लेख किया गया है। ग्रामीणों ने इन घटनाओं की जांच कर यह पता लगाने की मांग की है कि कहीं इनका संबंध खदान में की जा रही ब्लास्टिंग से तो नहीं है। हालांकि, उपलब्ध आवेदन में बोरवेल धंसने के कारणों की पुष्टि करने वाली तकनीकी जांच रिपोर्ट का उल्लेख नहीं है।

ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि ब्लास्टिंग के प्रभाव से आसपास की संपत्तियों और जलस्रोतों को नुकसान पहुंच सकता है। उनका कहना है कि यह विषय केवल असुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीणों, बच्चों और सार्वजनिक संस्थानों की सुरक्षा से भी जुड़ा है।

स्थल निरीक्षण कर सुरक्षा के उपाय करने का आग्रह
समाजसेवी प्रदीप जायसवाल ने कलेक्टर से भटोरा फेस और प्रभावित गांव का स्थल निरीक्षण कराने, ब्लास्टिंग की प्रक्रिया और उसकी तीव्रता की तकनीकी जांच कराने तथा आसपास के क्षेत्र पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन करने की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाए और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।