साइकिल के पहियों पर स्कूल तक पहुंच रहे सपने, सरस्वती योजना से बेटियों की राह आसान

कोरबा। गांव से स्कूल की दूरी, ऊबड़-खाबड़ रास्ते और जंगलों के बीच से गुजरने वाला सफर कुम्हारीसानी की बेटियों के लिए ये मुश्किलें कभी आगे की पढ़ाई में बाधा बन जाती थीं। लेकिन मुख्यमंत्री सरस्वती साइकिल योजना के तहत मिली निःशुल्क साइकिल ने इस चुनौती को काफी हद तक आसान कर दिया है। अब साधना और मनीषा जैसी छात्राएं रोज साइकिल से स्कूल पहुंचकर अपनी पढ़ाई जारी रख रही हैं और बेहतर भविष्य के सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

पोंड़ी-उपरोड़ा विकासखंड का दूरस्थ ग्राम कुम्हारीसानी जिला मुख्यालय से लगभग 100 से 110 किलोमीटर दूर स्थित है। यहां कई परिवार खेती-किसानी पर निर्भर हैं। गांव से पसान स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल की दूरी करीब 6 से 7 किलोमीटर है। रास्ते में कहीं चढ़ाई-उतार तो कहीं ऊबड़-खाबड़ सड़क और जंगल का मार्ग पड़ता है।

ऐसे में प्रतिदिन स्कूल आना-जाना छात्राओं के लिए आसान नहीं रहा है। दूरी और आवागमन की कठिनाइयों के कारण कई बालिकाओं के लिए मिडिल स्कूल के बाद पढ़ाई जारी रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता था।

साइकिल से आसान हुआ साधना का सफर
कुम्हारीसानी की साधना कक्षा 11वीं की छात्रा हैं। उनके पिता खेती-किसानी करते हैं। साधना को कक्षा 9वीं में मुख्यमंत्री सरस्वती साइकिल योजना के तहत निःशुल्क साइकिल मिली थी। इससे पसान स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल तक पहुंचना उनके लिए पहले की तुलना में आसान हो गया। कठिन रास्तों के बावजूद वह नियमित रूप से स्कूल जा पा रही हैं। साधना आगे पढ़कर अपने सपनों को पूरा करना चाहती हैं।

मनीषा भी नियमित जा रहीं स्कूल
गांव की मनीषा भी कक्षा 11वीं में वाणिज्य विषय की पढ़ाई कर रही हैं। उनका परिवार भी खेती-किसानी से जुड़ा है। मनीषा सुबह साइकिल से स्कूल के लिए निकलती हैं और छुट्टी के बाद उसी से घर लौटती हैं। घाट और टेढ़े-मेढ़े रास्तों पर साइकिल उनके रोजमर्रा के सफर को सुविधाजनक बनाती है और पढ़ाई जारी रखने में मदद करती है।

पढ़ाई की राह में दूरी न बने बाधा
छत्तीसगढ़ शासन की मुख्यमंत्री सरस्वती साइकिल योजना के तहत कक्षा 9वीं की पात्र बालिकाओं को निःशुल्क साइकिल प्रदान की जाती है। इसका उद्देश्य स्कूल तक पहुंचने में होने वाली परेशानी को कम करना और छात्राओं को शिक्षा जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना है।

कुम्हारीसानी की साधना और मनीषा के लिए यह साइकिल स्कूल आने-जाने का साधन भर नहीं, बल्कि आगे की पढ़ाई जारी रखने में सहायक बनी है।

साइकिल मिलने से इन छात्राओं के लिए रोज स्कूल पहुंचना आसान हुआ है। वे नियमित पढ़ाई के साथ अपने भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। छात्राओं और उनके परिवारों ने इस सहयोग के लिए छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।