KORBA: इसे नहीं देखा, तो क्या देखा! सरई के पत्ते, जूट और बताशों से सजा मां का दरबार

पुराना बस स्टैंड के इको फ्रेंडली पंडाल में कोलकाता के कारीगरों की अद्भुत कलाकारी, मां दुर्गा की मनमोहक प्रतिमा के दर्शन के लिए उमड़ रहे श्रद्धालु

कोरबा। ऊर्जा नगरी कोरबा में दुर्गा पूजा की धूम है। शहर के अलग-अलग पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमाएं विराजित हैं और दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। इन सबके बीच पुराना बस स्टैंड परिसर में श्री सार्वजनिक दुर्गा पूजा एवं दशहरा उत्सव समिति का पंडाल अपनी अनूठी सजावट के कारण विशेष आकर्षण बना हुआ है। यहां कोलकाता के कारीगरों ने प्रकृति से जुड़ी सामान्य वस्तुओं का इस्तेमाल कर ऐसा इको फ्रेंडली पंडाल तैयार किया है, जिसे देखकर लोग इसकी कलात्मकता की सराहना किए बिना नहीं रह पाते।

समिति इस वर्ष दुर्गा पूजा का 61वां आयोजन कर रही है। वर्ष 1965 से चली आ रही परंपरा के तहत हर बार कुछ नया करने के प्रयास में इस बार प्राकृतिक वस्तुओं से पंडाल को आकर्षक स्वरूप दिया गया है। इसकी खासियत यह है कि सजावट में इस्तेमाल की गई कई वस्तुएं आम जीवन में रोजमर्रा के उपयोग में आती हैं, लेकिन कारीगरों ने अपनी कल्पनाशीलता और हुनर से उन्हें कलाकृति में बदल दिया है।

सरई के पत्तों से बताशों तक का अनूठा प्रयोग

पंडाल के निर्माण और सजावट में सरई के पत्ते, उनसे बने दोना-पत्तल, सागौन के पत्ते, जूट, बताशे, मशरूम यानी छाता पुटू, चॉकलेट को आकार देने में इस्तेमाल होने वाले फ्रेम, कांसे के फूल और झाड़ू बनाने वाली सींक बहरी से तैयार गुलदस्तों का उपयोग किया गया है। इन वस्तुओं का संयोजन पंडाल को अनूठा और मनमोहक रूप देता है। प्राकृतिक सामग्री से तैयार यह सजावट पर्यावरण के प्रति प्रेम का संदेश भी देती है।

दिन में पंडाल की बारीक कलाकारी लोगों का ध्यान खींचती है, वहीं शाम होते ही रोशनी से जगमगाता इसका नजारा देखते ही बनता है। श्रद्धालु पंडाल की सजावट और मां दुर्गा की प्रतिमा को अपने कैमरों में कैद करते नजर आते हैं।

मां की मनमोहक प्रतिमा बनी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र

पंडाल के भीतर विराजित मां दुर्गा की प्रतिमा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण है। प्रतिमा के आसपास बिजली की चमक जैसा दृश्य तैयार किया गया है, जो सजावट को और प्रभावशाली बनाता है। आस्था और कलात्मकता का यह संगम भक्तों को कुछ देर ठहरकर मां के दर्शन करने के लिए प्रेरित करता है। सुबह से रात तक श्रद्धालु यहां पहुंचकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं और मां का आशीर्वाद ले रहे हैं।

61 वर्षों से निभा रहे आयोजन की परंपरा

श्री सार्वजनिक दुर्गा पूजा एवं दशहरा उत्सव समिति, पुराना बस स्टैंड द्वारा आयोजित इस उत्सव को सफल बनाने में पदाधिकारी और सदस्य जुटे हुए हैं। समिति के संरक्षक एवं अध्यक्ष सुरेंद्र लांबा, कार्यकारी अध्यक्ष राजेश अग्रवाल एवं अनिल जायसवाल, कोषाध्यक्ष गोपाल अग्रवाल, सचिव प्रवीण पांडेय तथा पूजा समिति के अंजू साहू, राजा राव, गजेंद्र जायसवाल, रितेश अग्रवाल, समीर मजूमदार, तिलक राज अरोड़ा, नितेश साहू, कीर्ति अग्रवाल और संतोष पाल आयोजन की जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं।

दशहरा उत्सव की तैयारियां भी तेज

दुर्गा पूजा के साथ ही दशहरा उत्सव की तैयारियां भी जारी हैं। दशहरा उत्सव समिति के विनोद अग्रवाल,विकास अग्रवाल,आशीष जायसवाल, रोशन जायसवाल, प्रकाश अग्रवाल, सिद्धार्थ वासन और विजय अरोड़ा सहित सांस्कृतिक समिति के राजेंद्र मेहता, भवानी सुल्तानिया, अशोक अग्रवाल, सुनील जैन, आशीष टमकोरिया, यश लांबा, यश पांडेय, केदार शाह और संदीप अग्रवाल पिंटू तैयारियों में जुटे हैं।

प्राकृतिक वस्तुओं से सजे इस पंडाल में आस्था, रचनात्मकता और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का अनूठा मेल देखने को मिल रहा है। यही वजह है कि पुराना बस स्टैंड का यह दुर्गा पूजा पंडाल इन दिनों शहरवासियों के बीच चर्चा और आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।