आधुनिक खेती से बदली सुमरन सिंह कंवर की जिंदगी, सालाना आय बढ़कर हुई 2.20 लाख रुपये

उद्यानिकी विभाग की योजनाओं से मिला 24 हजार रुपये का अनुदान, धान के साथ सब्जियों की खेती अपनाकर साल में ले रहे तीन फसलें;बच्चों की बेहतर शिक्षा और पक्के मकान का सपना हो रहा साकार

कोरबा। पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने से किसानों के लिए आमदनी बढ़ाने के नए रास्ते खुल रहे हैं। इसका उदाहरण कोरबा जिले के कटघोरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम कुमगरी निवासी किसान सुमरन सिंह कंवर हैं। कभी सीमित संसाधनों के कारण केवल एक मौसमी धान की फसल लेने वाले सुमरन सिंह अब धान के साथ मौसमी सब्जियों की खेती कर रहे हैं।

उद्यानिकी विभाग की योजनाओं से मिली सहायता ने उनकी खेती को नया विस्तार दिया है। इससे उनकी वार्षिक आय बढ़कर लगभग 2.20 लाख रुपये हो गई है और परिवार की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आया है।

अनुदान से आधुनिक खेती को मिला बढ़ावा
सुमरन सिंह कंवर पहले पारंपरिक पद्धति से धान की खेती करते थे। सिंचाई सुविधाओं, आधुनिक उपकरणों और तकनीकी संसाधनों की कमी के कारण उत्पादन सीमित रहता था। इससे परिवार की जरूरतों को पूरा करने और आय बढ़ाने में कठिनाइयां आती थीं। खेती को अधिक लाभकारी बनाने के उद्देश्य से उन्होंने आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाया और उद्यानिकी विभाग की योजनाओं का लाभ लिया।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में राष्ट्रीय बागवानी मिशन एवं राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत उन्हें पोल फेंसिंग, पावर स्प्रेयर और ग्राफ्टेड बैंगन पौधों के लिए 24 हजार रुपये का अनुदान मिला। इस सहायता से उन्हें खेती में आधुनिक संसाधनों का उपयोग करने और सब्जी उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिली।

धान के साथ सब्जियों की खेती, साल में तीन फसलें
आधुनिक कृषि संसाधनों का उपयोग करते हुए सुमरन सिंह अब धान के साथ मौसमी सब्जियों का उत्पादन भी कर रहे हैं। फसल विविधीकरण अपनाने से वे वर्ष में तीन फसलें ले पा रहे हैं। इससे खेती का दायरा बढ़ा है और उनकी आमदनी में भी सुधार हुआ है। वर्तमान में कृषि से उनकी वार्षिक आय लगभग 2.20 लाख रुपये तक पहुंच गई है।

बच्चों की शिक्षा और पक्के मकान का सपना हो रहा पूरा
खेती से होने वाली अतिरिक्त आमदनी का सकारात्मक असर सुमरन सिंह के पारिवारिक जीवन पर भी दिखाई दे रहा है। वे अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध करा पा रहे हैं और अपने पक्के मकान का निर्माण भी कर रहे हैं। इसके साथ ही खेती से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से दूसरे लोगों को भी रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। सुमरन सिंह गांव के अन्य किसानों को भी आधुनिक तकनीक अपनाने और पारंपरिक खेती के साथ सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए किसानों से अपील
हितग्राही सुमरन सिंह कंवर ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि पहले वे केवल धान की खेती करते थे। सिंचाई सुविधाओं और आधुनिक संसाधनों की कमी के कारण उनकी आमदनी सीमित थी।

उद्यानिकी विभाग की योजनाओं से सहायता मिलने के बाद उन्होंने खेती के नए तरीके अपनाए और सब्जियों का उत्पादन शुरू किया।

उन्होंने कहा, “अब मैं साल में तीन फसलें ले पा रहा हूं और मेरी वार्षिक आय लगभग 2.20 लाख रुपये हो गई है। इससे बच्चों की पढ़ाई बेहतर तरीके से करा पा रहा हूं और अपने पक्के मकान का निर्माण भी कर रहा हूं। खेती के काम से दूसरे लोगों को भी रोजगार मिल रहा है। मैं चाहता हूं कि गांव के अन्य किसान भी आधुनिक तकनीकों को अपनाएं और अपनी आमदनी बढ़ाएं।”

सुमरन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित योजनाओं और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की किसान हितैषी पहल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासकीय सहायता से उन्हें खेती को आगे बढ़ाने का अवसर मिला है।

बेहतर उत्पादन और बढ़ती आमदनी से अब वे अपने परिवार के भविष्य को लेकर अधिक आश्वस्त हैं।