सेवा संकल्प शिविर में 287 श्रमिक परिवारों को मिली 57.40 लाख की सहायता

उद्योग मंत्री ने वितरित किए चेक, नोनी सशक्तिकरण और महतारी जतन योजना के हितग्राही हुए लाभान्वित

कोरबा। श्रमिक परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और जरूरतमंद हितग्राहियों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से बालको जोन कार्यालय परिसर में सेवा संकल्प शिविर का आयोजन किया गया।

‘सेवा हेतु अभियान सरकार आपके द्वार’ के तहत आयोजित इस शिविर में प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने 287 हितग्राहियों को कुल 57 लाख 40 हजार रुपये की सहायता राशि के चेक वितरित किए। इस सहायता से पात्र श्रमिक परिवारों को अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति में आर्थिक मदद मिलेगी।

नोनी सशक्तिकरण योजना के 233 हितग्राहियों को 46.60 लाख रुपये
श्रम विभाग की मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के अंतर्गत 233 हितग्राहियों को प्रति हितग्राही 20 हजार रुपये की दर से कुल 46 लाख 60 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई।

इस योजना के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि वे अपने परिवार की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पूरा कर सकें और आर्थिक मजबूती की दिशा में आगे बढ़ सकें।

महतारी जतन योजना के 54 हितग्राहियों को मिले चेक
इसी तरह असंगठित कर्मकार महतारी जतन योजना के अंतर्गत 54 हितग्राहियों को प्रति हितग्राही 20 हजार रुपये के हिसाब से कुल 10 लाख 80 हजार रुपये की सहायता दी गई।

दोनों योजनाओं के तहत वितरित सहायता राशि का कुल योग 57 लाख 40 हजार रुपये रहा। शिविर में एक ही स्थान पर योजनाओं का लाभ मिलने से हितग्राहियों को सुविधा मिली।

श्रमिक परिवारों को आर्थिक संबल देने की पहल
सेवा संकल्प शिविर का उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। योजनाओं के माध्यम से श्रमिक परिवारों को सहयोग देकर उनके जीवन स्तर में सुधार के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

सहायता राशि के चेक प्राप्त करने वाले हितग्राहियों ने योजना का लाभ मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया।

शिविर में 287 हितग्राहियों को मिली 57.40 लाख रुपये की सहायता श्रमिक परिवारों को आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रही।