नवरात्रि आयोजनों पर प्रशासन की नजर, विसर्जन में डीजे बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध

गरबा, डांडिया और दुर्गा पूजा समितियों को सुरक्षा संबंधी निर्देश जारी; पंडालों में सीसीटीवी, महिला सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर जोर

कोरबा। नवरात्रि पर्व के दौरान गरबा, डांडिया और दुर्गा पूजा आयोजनों में शांति, सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में आयोजन समितियों की बैठक लेकर सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान डीजे का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में अपर कलेक्टर एवं एडीएम देवेंद्र पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले, एसडीएम सरोज महिलांगे और नगर पुलिस अधीक्षक प्रतीक चतुर्वेदी उपस्थित रहे।

अधिकारियों ने आयोजन समितियों से सभी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने और पर्व को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने की अपील की।

पंडालों में सीसीटीवी और सुरक्षा व्यवस्था अनिवार्य
प्रशासन ने सभी गरबा, डांडिया आयोजकों और दुर्गा पूजा समितियों को आवश्यक अनुमति प्राप्त करने तथा निर्धारित शर्तों का पालन करने के निर्देश दिए। आयोजन स्थलों और दुर्गा पूजा पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के साथ प्रवेश एवं निकास द्वारों सहित प्रमुख स्थानों पर निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया।

महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम, भीड़ नियंत्रण, अग्नि सुरक्षा, प्राथमिक उपचार और आपातकालीन निकास की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि आयोजन समितियां सुरक्षा संबंधी तैयारियों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतें।

यातायात व्यवस्था और पार्किंग पर विशेष जोर
नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। आयोजन समितियों को वाहनों की पार्किंग के लिए निर्धारित स्थान की व्यवस्था करने और मुख्य मार्गों पर यातायात बाधित नहीं होने देने को कहा गया है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आयोजन के दौरान आम नागरिकों और श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित नहीं होनी चाहिए। इसके लिए समितियों को पुलिस और प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।

ध्वनि प्रदूषण के नियमों का करना होगा पालन
बैठक में साउंड सिस्टम और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए गए। आयोजन समितियों को निर्धारित ध्वनि सीमा और समय-सीमा का पालन करने को कहा गया। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में लागू कोलाहल नियंत्रण संबंधी कानून, ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 तथा उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालय और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के लागू निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

विसर्जन में डीजे प्रतिबंधित, उल्लंघन पर कार्रवाई
दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को लेकर प्रशासन ने विशेष निर्देश जारी किए हैं। विसर्जन के दौरान डीजे का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रखने और प्रतिमाओं का विसर्जन निर्धारित मार्ग एवं समय-सीमा के अनुसार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने को कहा गया है।

अधिकारियों ने आयोजन समितियों को निर्देशित किया कि विसर्जन के दौरान हुड़दंग, विवाद, अभद्र व्यवहार या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियां नहीं होनी चाहिए। प्रशासनिक निर्देशों और लागू नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

शांति और सौहार्द के साथ पर्व मनाने की अपील
जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने सभी आयोजन समितियों एवं नागरिकों से नवरात्रि पर्व की गरिमा बनाए रखते हुए आपसी सौहार्द, अनुशासन और शांति के साथ कार्यक्रम आयोजित करने की अपील की है। साथ ही, किसी भी संदिग्ध गतिविधि, विवाद या अप्रिय घटना की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया गया है।

प्रशासन ने पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आम नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सभी समितियों की सहभागिता से नवरात्रि आयोजनों को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सकता है।

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