फटी राखड़ पाइपलाइन ने खोली एचटीपीएस के मेंटेनेंस की पोल

डांडपारा के पास पाइपलाइन से लगातार बह रहा राखड़ मिश्रित पानी, रिटर्न केनाल के रास्ते हसदेव नदी में पहुंचने का दावा

कोरबा।हसदेव ताप विद्युत गृह (एचटीपीएस) पश्चिम से निकलने वाली फ्लाई ऐश यानी पानी मिश्रित राखड़ की मुख्य पाइपलाइन ग्राम डांडपारा के पास फट गई है।

पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से राखड़ मिश्रित पानी का बहाव रिटर्न केनाल की ओर हो रहा है और इसके जरिए हसदेव नदी तक पहुंचने की बात सामने आई है। घटना ने एक बार फिर बिजली कंपनी की राखड़ प्रबंधन व्यवस्था और पाइपलाइन के रखरखाव पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पाइपलाइन फटी, नदी की ओर बढ़ रहा राखड़
बताया जा रहा है कि डांडपारा के समीप मुख्य राखड़ पाइपलाइन में टूट-फूट होने के बाद बड़ी मात्रा में पानी मिश्रित फ्लाई ऐश बाहर निकल रही है। मौके से निकल रहा यह बहाव रिटर्न केनाल में पहुंच रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, केनाल का प्रवाह आगे हसदेव नदी की ओर जाता है, जिससे राखड़ मिश्रित पानी के नदी में मिलने की आशंका बनी हुई है।

हसदेव नदी को क्षेत्र की प्रमुख जलधारा माना जाता है। ऐसे में राखड़ मिश्रित पानी के नदी तक पहुंचने की स्थिति ने स्थानीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते पाइपलाइन के रिसाव को नहीं रोका गया तो इसका असर नदी और आसपास के क्षेत्र पर पड़ सकता है।

बार-बार पाइपलाइन फटने से उठे सवाल
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि राखड़ पाइपलाइनों की नियमित निगरानी और रखरखाव नहीं होने के कारण समय-समय पर पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं सामने आती हैं। उनका कहना है कि पाइपलाइन टूटने के बाद राखड़ का पानी खुले क्षेत्र में बहने लगता है और यदि इसे तत्काल नियंत्रित नहीं किया गया तो जलस्रोतों तक पहुंचने का खतरा बना रहता है।

डांडपारा की घटना ने एचटीपीएस की पाइपलाइन मेंटेनेंस व्यवस्था को लेकर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की तत्काल मरम्मत कराने, राखड़ के बहाव को रोकने और हसदेव नदी तक पहुंच रहे संभावित प्रदूषित पानी को नियंत्रित करने की मांग की है।

अब देखना होगा कि बिजली कंपनी प्रबंधन इस घटना पर कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और नदी की ओर जा रहे राखड़ मिश्रित पानी को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।