बंदियों को न्यायाधीशों ने बताए आत्मसुधार और जीवन परिवर्तन के मंत्र

गांधी जयंती पर उप जेल कटघोरा में विधिक जागरूकता शिविर; बंदियों ने रंगोली के जरिए दिखाई रचनात्मकता, सत्य-अहिंसा और सकारात्मक सोच का दिया संदेश

कोरबा।गांधी जयंती के अवसर पर उप जेल कटघोरा में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में न्यायाधीशों ने बंदियों को उनके विधिक अधिकारों, उपलब्ध विधिक सहायता और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।साथ ही आत्मसुधार, सकारात्मक सोच और जीवन में बदलाव की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान बंदियों ने रंगोली बनाकर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। रंगोली के माध्यम से सकारात्मक सोच, रचनात्मकता और आपसी सद्भाव को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया। बंदियों को महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और शांति के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संदेश भी दिया गया।

रंगोली में दिखी बंदियों की रचनात्मकता
बंदियों द्वारा तैयार की गई रंगोलियों का न्यायाधीशों ने निरीक्षण किया और उनकी रचनात्मक प्रतिभा की सराहना की। आयोजन ने बंदियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर दिया।

शिविर के माध्यम से बंदियों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद सकारात्मक सोच, आत्मचिंतन और सही दिशा में प्रयास जीवन में परिवर्तन का आधार बन सकते हैं।

न्यायिक एवं विधिक सहायता की दी जानकारी
शिविर में बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों तथा जरूरत पड़ने पर उपलब्ध विधिक सहायता के संबंध में जानकारी दी गई। न्यायिक प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक पहलुओं को भी सरल तरीके से समझाया गया, ताकि बंदी अपने अधिकारों और उपलब्ध कानूनी संसाधनों से परिचित हो सकें।

कार्यक्रम में द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश कटघोरा शीलू सिंह, तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश हेमंत रात्रे,प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी लोकेश पटले,प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी कु.रंजू वैष्णव,प्रथम व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी न्यायाधीश प्रेरणा वर्मा,अधिवक्ता खेमचंद नामदेव, सहायक जेल अधीक्षक श्रीमती सीमा उरांव तथा पैरालीगल वॉलेण्टियर्स तलवीर सिंह उपस्थित रहे।