यूपीआई पर शुल्क व्यवस्था पर भाकपा नेता ने जताई आपत्ति

कोरबा। यूपीआई के चुनिंदा बड़े व्यापारी लेन-देन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू किए जाने की व्यवस्था को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के छत्तीसगढ़ राज्य परिषद सदस्य एवं जिला सचिव पवन कुमार वर्मा ने आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि यूपीआई ने छोटे दुकानदारों, मजदूरों, किसानों, विद्यार्थियों, महिलाओं और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए डिजिटल भुगतान को आसान बनाया है, इसलिए इसके विस्तार में शुल्क संबंधी व्यवस्था का असर छोटे कारोबारियों पर नहीं पड़ना चाहिए।

वर्मा ने कहा कि यूपीआई को सरल, तेज और सुगम डिजिटल भुगतान व्यवस्था के रूप में बढ़ावा दिया गया है।

ऐसे में शुल्क की कोई भी व्यवस्था आम उपभोक्ताओं और छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न बने, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था का उद्देश्य वित्तीय समावेशन और लेन-देन को आसान बनाना है।

सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यूपीआई के उपयोग को बढ़ावा देने के साथ छोटे दुकानदारों और आम उपभोक्ताओं के हित भी सुरक्षित रहें।

हालांकि, केंद्र सरकार के अनुसार व्यक्तिगत से व्यक्तिगत (P2P) सभी यूपीआई लेन-देन निःशुल्क रहेंगे और ₹2,000 तक के व्यापारी भुगतान पर भी एमडीआर नहीं लगेगा।