मशीनों की खनक के बीच उद्योगनगरी में गूंजा आदिशिल्पी का जयघोष

संयंत्रों से वर्कशॉप और गैरेज तक हुई भगवान विश्वकर्मा की पूजा, कामगारों में दिखा उत्साह

कोरबा। मशीनों की खनक और औद्योगिक गतिविधियों के बीच गुरुवार को उद्योगनगरी कोरबा भगवान विश्वकर्मा की भक्ति में डूबी रही। विश्वकर्मा जयंती पर कोयला, बिजली, एल्यूमिनियम और पेट्रोलियम से जुड़े बड़े उद्योगों के साथ वर्कशॉप, गैरेज, तकनीकी संस्थानों और छोटे औद्योगिक प्रतिष्ठानों में भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमाएं स्थापित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। अधिकारियों, कर्मचारियों, कामगारों और वाहन मालिकों ने औद्योगिक गतिविधियों की निरंतरता, सुरक्षित संचालन और सुख-समृद्धि की कामना की।

बालकोनगर, जमनीपाली, दर्री, कुसमुंडा, बांकीमोंगरा, दीपका और रजगामार सहित प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में सुबह से ही पूजा-अर्चना का दौर शुरू हो गया था। संयंत्रों और संस्थानों में अधिकारियों-कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से पूजा में हिस्सा लिया। कई जगह आकर्षक सजावट के साथ पूजा पंडाल बनाए गए।

बालकोनगर की फाउंड्री, एल्यूमिना प्लांट, कूलिंग टावर और स्मेल्टर सहित विभिन्न इकाइयों में विश्वकर्मा पूजा हुई। सीएसईबी के डीएसपीएम, एचटीपीएस, एनटीपीसी और इंडियन ऑयल के टर्मिनल में भी कर्मचारियों ने उत्साह के साथ आराधना की। एसईसीएल के कोरबा, गेवरा, कुसमुंडा और दीपका क्षेत्रों में भी पूजा को लेकर खासा उत्साह रहा।

वाहनों की भी हुई पूजा

औद्योगिक प्रतिष्ठानों के साथ ट्रांसपोर्ट नगर, पीएच रोड, बायपास रोड, कोसाबाड़ी, रिसदी सहित शहर के विभिन्न इलाकों में वर्कशॉप, गैरेज और दुकानों में भगवान विश्वकर्मा की पूजा की गई। निजी बस ऑपरेटरों, ऑटो, टैक्सी और भारी वाहन मालिकों ने वाहनों को सजाकर पूजा-अर्चना की और सुरक्षित संचालन की कामना की।

कामगारों को उपहार और मिष्ठान

विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर कई संस्थानों में कामगारों के लिए प्रसाद, मिष्ठान और उपहार की व्यवस्था की गई। कामगारों ने भी स्वेच्छा से योगदान देकर आयोजनों में सहभागिता निभाई। विभिन्न स्थानों पर गुरुवार और शुक्रवार को सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। शुक्रवार को कई स्थानों पर प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। पूरे दिन औद्योगिक नगरी में भक्ति और उत्सव का माहौल बना रहा।