मौत के बाद फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, 4 घंटे चक्काजाम

कनबेरी मार्ग पर अज्ञात कार की टक्कर से साइकिल सवार की मौत; स्पीड ब्रेकर, स्ट्रीट लाइट, संकेतक बोर्ड और मृतक की पुत्री को रोजगार की मांग

कोरबा। कोरबा-कनबेरी मुख्य मार्ग पर लगातार हो रहे सड़क हादसों को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश एक बार फिर सामने आया। मंगलवार रात सड़क किनारे साइकिल से घर लौट रहे कनबेरी निवासी सुरेंदर सिंह को अज्ञात कार ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद कार चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया।

हादसे की जानकारी मिलते ही कनबेरी और आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर कोरबा-कनबेरी मुख्य मार्ग पर करीब चार घंटे तक चक्काजाम कर दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने लगातार हो रहे हादसों और सड़क की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।

भारी वाहनों की आवाजाही से बढ़ा हादसों का खतरा
ग्रामीणों का कहना है कि कोरबा-कनबेरी मार्ग पर एसईसीएल से कोयला लेकर चलने वाले भारी वाहनों के साथ पावर प्लांट से राखड़ परिवहन करने वाले वाहनों और अन्य भारी वाहनों की लगातार आवाजाही रहती है। रात के समय पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने से हादसे का खतरा और बढ़ जाता है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मार्ग पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। हादसे में एक और ग्रामीण की मौत के बाद लोगों का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा।

स्पीड ब्रेकर और स्ट्रीट लाइट की मांग
चक्काजाम के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखीं। इनमें मृतक के परिवार को सहायता राशि, सड़क पर स्पीड ब्रेकर का निर्माण, पर्याप्त स्ट्रीट लाइट, सांकेतिक एवं चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग प्रमुख रही।

इसके अलावा मृतक की पुत्री को निजी ठेका कंपनी में रोजगार देने की मांग भी ग्रामीणों ने रखी। ग्रामीणों का कहना था कि हादसे में परिवार ने अपना सदस्य खोया है, इसलिए प्रभावित परिवार को तत्काल राहत और रोजगार उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

50 हजार की सहायता के बाद खत्म हुआ चक्काजाम
सूचना के बाद मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार दीपका ने ग्रामीणों से चर्चा की और उनकी मांगों को सुना। प्रशासन की ओर से तत्काल 50 हजार रुपए की सहायता राशि मृतक के परिजनों को सौंपी गई। इसके बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया और मार्ग पर आवागमन बहाल हो सका।

धरना स्थल पर ग्राम सरपंच, जनपद प्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। जिला पंचायत कोरबा के पूर्व उपाध्यक्ष अजय जायसवाल की मौजूदगी में भी ग्रामीणों ने मार्ग पर बढ़ते हादसों को लेकर चिंता जताई।

ग्रामीणों ने मांग की है कि कोरबा-कनबेरी मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए। साथ ही स्पीड ब्रेकर, स्ट्रीट लाइट और संकेतक बोर्ड जैसे जरूरी इंतजाम तत्काल किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।