मालगाड़ी की चपेट में आने से युवक के दोनों पैर कटे, रातभर ट्रैक पर तड़पता रहा

सुबह लोगों ने देखा तो मची अफरा-तफरी, 108 से अस्पताल पहुंचाया गया; रेलवे ट्रैक पर पहुंचने की वजह बनी पहेली

कोरबा। कोरबा में शनिवार देर रात एक दर्दनाक रेल हादसे में 22 वर्षीय युवक मालगाड़ी की चपेट में आ गया। हादसा इतना गंभीर था कि युवक के दोनों पैर कट गए। इसके बाद वह पूरी रात गंभीर और घायल अवस्था में रेलवे ट्रैक पर पड़ा रहा। सुबह राहगीरों की नजर पड़ने के बाद घटना का पता चला और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने 108 एंबुलेंस की मदद से युवक को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

घायल युवक की पहचान रितेश सारथी (22), निवासी ढेगूनाला के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही सीएसईबी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने तत्काल एंबुलेंस बुलाकर युवक को अस्पताल पहुंचाया। हादसे की जानकारी मिलने के बाद उसके परिजन भी मौके पर पहुंच गए।

ट्रैक पर बैठा था, तभी गुजर गई मालगाड़ी

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रितेश देर रात रेलवे ट्रैक पर बैठा हुआ था। इसी दौरान वहां से मालगाड़ी गुजरी और वह उसकी चपेट में आ गया। मालगाड़ी की चपेट में आने से उसके दोनों पैर कट गए। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद वह रातभर रेलवे ट्रैक पर पड़ा रहा।

सुबह लोगों ने उसे ट्रैक पर घायल हालत में देखा तो तत्काल पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस और एंबुलेंस की टीम मौके पर पहुंची और उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।

मोबाइल मिला, लेकिन वजह अब भी अनसुलझी

पुलिस ने युवक के पास से मोबाइल फोन भी बरामद किया है। मोबाइल और घटनास्थल की परिस्थितियों के आधार पर पुलिस घटना की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि रितेश देर रात रेलवे ट्रैक पर आखिर क्यों बैठा था? पुलिस फिलहाल हर संभावित पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। वह ट्रैक पर किसी काम से गया था, शौच करने पहुंचा था या घटना के पीछे कोई अन्य वजह थी, इसकी पड़ताल की जा रही है।

परिजनों से भी पूछताछ

सीएसईबी चौकी प्रभारी राजेश तिवारी ने बताया कि घायल युवक को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस युवक के परिजनों से भी जानकारी जुटा रही है, ताकि हादसे की वास्तविक वजह सामने आ सके।

फिलहाल युवक की हालत गंभीर बनी हुई है और पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि वह रेलवे ट्रैक तक किन परिस्थितियों में पहुंचा था।