पर्यावरणीय अनुमति के बिना भंडारण-लोडिंग और परिवहन का आरोप, 106 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई
बिलासपुर/कोरबा। छत्तीसगढ़ में बैटरी स्क्रैप के अवैध कारोबार को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। बिलासपुर जिले के चकरभाठा थाना क्षेत्र में पुलिस ने सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए बैटरी स्क्रैप से लोड एक कंटेनर को जब्त किया है। कंटेनर परिवहन के लिए तैयार था। मौके पर स्क्रैप से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।पुलिस ने मामले में 106 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई करते हुए जांच शुरू कर दी है। जब्त कंटेनर का नंबर MH 40 CD 7062 बताया गया है।
चकरभाठा थाना प्रभारी भावेश के अनुसार, शनिवार को सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। वहां एक कंटेनर में बैटरी स्क्रैप लोड पाया गया। स्क्रैप के संबंध में आवश्यक दस्तावेज मांगे जाने पर मौके पर वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। मामले में अब जीएसटी बिल और पर्यावरणीय अनुमति सहित अन्य दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
संदिग्ध बताया जा रहा जीएसटी बिल
मामले में एक जीएसटी बिल सामने आने की जानकारी है, जिसे जानकारों द्वारा प्रथम दृष्टया संदिग्ध बताया जा रहा है। हालांकि बिल वास्तव में वैध है या नहीं, इसकी पुष्टि संबंधित विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस द्वारा जब्त किए गए स्क्रैप और उससे जुड़े दस्तावेजों की जानकारी जीएसटी विभाग तथा पर्यावरण विभाग को दी जा रही है।
पर्यावरणीय अनुमति पर भी उठे सवाल
बैटरी स्क्रैप के भंडारण, लोडिंग और परिवहन को लेकर पर्यावरणीय नियमों के पालन पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। संबंधित नियमों के तहत बैटरी अपशिष्ट के प्रबंधन, संग्रहण और परिवहन के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन जरूरी है। ऐसे में यह जांच का विषय है कि चकरभाठा में बरामद स्क्रैप के लिए संबंधित पक्षों के पास आवश्यक अनुमति और वैध दस्तावेज मौजूद हैं या नहीं।
कोरबा में पकड़े गए मामले का क्या हुआ?
बैटरी स्क्रैप के कारोबार को लेकर कोरबा में भी कुछ माह पहले मामला सामने आया था। डीडीएम रोड से परिवहन के लिए निकले एक ट्रक को पुलिस के माध्यम से जब्त कराया गया था। बताया गया कि ट्रक करीब 15 दिनों तक मौके पर खड़ा रहा। उस मामले में पर्यावरण विभाग को कार्रवाई करनी थी, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि संबंधित मामले में क्या कार्रवाई की गई। जुर्माना लगाया गया अथवा एफआईआर के लिए कोई अनुशंसा की गई, इसकी आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है।
सिंडिकेट और राजस्व नुकसान की जांच की मांग
बैटरी स्क्रैप के कारोबार से जुड़े मामलों में कथित रूप से फर्जी या संदिग्ध जीएसटी बिलों के इस्तेमाल की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में चकरभाठा में पकड़े गए कंटेनर की जांच केवल दस्तावेजों तक सीमित न रखते हुए स्क्रैप के स्रोत, खरीदार, विक्रेता, परिवहनकर्ता और अंतिम गंतव्य तक पूरी श्रृंखला की जांच की मांग उठ रही है।
यदि जांच में जीएसटी नियमों या पर्यावरणीय प्रावधानों का उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित व्यक्तियों और फर्मों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही कथित कर चोरी और शासन को हुए राजस्व नुकसान का भी आकलन किया जाना जरूरी होगा।
अब निगाह जीएसटी और पर्यावरण विभाग की जांच पर है कि MH 40 CD 7062 नंबर के कंटेनर में लदे बैटरी स्क्रैप के दस्तावेज कितने वैध हैं और इसके पीछे पूरा कारोबार किस नेटवर्क से जुड़ा है।
Editor – Niraj Jaiswal
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