राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित होंगे जितेन्द्र साहू

शिक्षा के साथ स्काउट-गाइड गतिविधियों को नई ऊंचाई देने में अहम योगदान विद्यार्थियों को राष्ट्रीय- अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया

कोरबा। शिक्षक दिवस के अवसर पर कोरबा जिले के शिक्षा जगत के लिए गौरव का क्षण होगा। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रजगामार के प्राचार्य जितेन्द्र कुमार साहू को राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान राज्यपाल रामेन डेका के मुख्य आतिथ्य, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता एवं स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव की उपस्थिति में लोक भवन स्थित छत्तीसगढ़ मंडपम में प्रदान किया जाएगा।

शिक्षा विभाग में 1980 के दशक में सेवा में आए जितेन्द्र कुमार साहू ने अपने लंबे सेवाकाल के दौरान अध्यापन के साथ विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिए स्काउट-गाइड गतिविधियों को विशेष रूप से बढ़ावा दिया। उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने राज्य से लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक आयोजित विभिन्न जंबूरियों में भागीदारी कर कोरबा का नाम रोशन किया।


विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया
जितेन्द्र साहू के प्रयासों और मार्गदर्शन से विद्यार्थियों को उड़ीसा, उत्तराखंड, ढाका (बांग्लादेश), चेम्सफोर्ड (इंग्लैंड), शंकरपल्ली (आंध्रप्रदेश), पाली (राजस्थान) और लखनऊ (उत्तरप्रदेश) में आयोजित विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की जंबूरियों में भाग लेने का अवसर मिला।

स्काउट-गाइड गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को नेतृत्व, अनुशासन, सेवा और राष्ट्रप्रेम की भावना से जोड़ने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं और राष्ट्रपति पुरस्कार तक प्राप्त किए।

शिक्षा के साथ व्यक्तित्व निर्माण पर जोर
जितेन्द्र कुमार साहू का मानना रहा है कि शिक्षक की भूमिका केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने तक सीमित नहीं होती, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने में भी शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसी सोच के साथ उन्होंने शैक्षणिक गतिविधियों के साथ स्काउट-गाइड एवं सामाजिक गतिविधियों को भी निरंतर प्रोत्साहित किया।

राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए उनके चयन से शिक्षा जगत, विद्यार्थियों, सहकर्मियों और जिले के लोगों में खुशी का माहौल है। शिक्षक दिवस पर उन्हें मिलने वाला यह सम्मान उनके दीर्घ सेवाकाल और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए गए प्रयासों का महत्वपूर्ण सम्मान माना जा रहा है।