कुसमुंडा में बड़ा हादसा टला, विशाल बरगद-पीपल के पेड़ धराशायी

मंदिर की ओर गिरे पेड़, श्रीराम और हनुमान जी की प्रतिमाएं सुरक्षित; जलभराव से जड़ों की पकड़ कमजोर होने की आशंका

कुसमुंडा। विकास नगर कुसमुंडा के इमली छापर चौक स्थित खत्री कॉम्प्लेक्स परिसर में लगातार हो रही बारिश के बीच बड़ा हादसा टल गया। परिसर में वर्षों पुराने विशाल बरगद और पीपल के पेड़ अचानक धराशायी हो गए। पेड़ों का एक बड़ा हिस्सा मंदिर की ओर गिरा, लेकिन पास में स्थापित भगवान श्रीराम और हनुमान जी की प्रतिमाएं पूरी तरह सुरक्षित रहीं। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।

लगातार बारिश से कमजोर हुई जड़ों की पकड़
बताया जा रहा है कि क्षेत्र में पिछले कई दिनों से लगातार बारिश हो रही है। इससे जमीन में अत्यधिक नमी और कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई है। माना जा रहा है कि लगातार पानी के कारण पुराने पेड़ों की जड़ों की पकड़ कमजोर हुई और अचानक दोनों विशाल पेड़ गिर पड़े।

पेड़ों के गिरने से परिसर में संपत्ति को नुकसान पहुंचा है, हालांकि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। घटना के समय आसपास लोगों की आवाजाही नहीं होने से बड़ा हादसा टल गया।

प्रतिमाएं सुरक्षित रहने से लोगों ने ली राहत की सांस
पेड़ मंदिर की दिशा में गिरने के बावजूद भगवान श्रीराम और हनुमान जी की प्रतिमाओं को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचा। घटना के बाद मौके पर पहुंचे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने इसे ईश्वर की कृपा बताते हुए राहत व्यक्त की।

पुराने पेड़ों का सुरक्षा सर्वे कराने की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने गिरे हुए पेड़ों और उनकी शाखाओं को तत्काल हटाने की मांग की है, ताकि आवागमन में परेशानी न हो। साथ ही इमली छापर चौक और आसपास लंबे समय से बनी जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की मांग भी उठाई गई है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से क्षेत्र में मौजूद पुराने, कमजोर और जर्जर पेड़ों का सुरक्षा सर्वे कराने तथा जोखिम वाले पेड़ों की समय रहते छंटाई या आवश्यक सुरक्षा उपाय करने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते कदम उठाए गए तो भविष्य में बारिश और तेज हवाओं के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।