साइबर सुरक्षा के प्रति छात्राओं को किया जागरूक, विद्यालय परिसर में किया पौधरोपण

प्रशिक्षु डीएसपी आस्था शर्मा, महापौर संजू देवी राजपूत सहित जनप्रतिनिधियों ने ऑनलाइन ठगी से बचाव के बताए उपाय

कोरबा। डिजिटल दौर में बढ़ते साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी से बचाव को लेकर स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पोड़ीबहार में साइबर सुरक्षा एवं छात्रा कानून जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं को साइबर अपराध, सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल, डिजिटल पहचान की सुरक्षा और कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में प्रशिक्षु डीएसपी आस्था शर्मा, महापौर संजू देवी राजपूत, भाजपा जिला उपाध्यक्ष मंजू सिंह, मंडल अध्यक्ष डॉ. राजेश राठौर, वरिष्ठ नेत्री ज्योति वर्मा, भाजपा नेता शिव जायसवाल, राजकुमार राठौर, बद्रीनाथ वस्त्रकार, विवेक राजवाड़े, अधिवक्ता ज्योति राजवाड़े, पूर्व एसएमडीसी अध्यक्ष नारायण सिंह ठाकुर और विद्यालय के प्राचार्य गजेंद्र कुमार साहू उपस्थित रहे।

वक्ताओं ने विद्यार्थियों को साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों से अवगत कराते हुए सोशल मीडिया अकाउंट, पासवर्ड, ओटीपी और डिजिटल पहचान को सुरक्षित रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय सतर्कता और जिम्मेदारी जरूरी है। किसी अनजान व्यक्ति के साथ निजी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए और संदिग्ध लिंक या संदेश पर क्लिक करने से बचना चाहिए।

प्रशिक्षु डीएसपी आस्था शर्मा ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव के साथ कानून संबंधी आवश्यक जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं से किसी भी तरह की ऑनलाइन परेशानी या अपराध की स्थिति में बिना डर के शिकायत करने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।

महापौर संजू देवी राजपूत सहित अन्य अतिथियों ने भी विद्यार्थियों को जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। भाजपा जिला उपाध्यक्ष मंजू सिंह ने कहा कि साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान के साथ डिजिटल जिम्मेदारी की समझ भी विकसित करनी चाहिए।

कार्यक्रम के अंत में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत विद्यालय परिसर में पौधारोपण किया गया। विद्यार्थियों ने पौधों की देखभाल और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम में सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के साथ हरियाली और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।