नशा मुक्ति अभियान की समीक्षा  कलेक्टर ने ली जिला स्तरीय एनकॉर्ड समिति की बैठक, स्कूल-कॉलेजों को तंबाकू मुक्त करने के निर्देश

कोरबा।जिले में नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों पर प्रभावी रोक लगाने और नशामुक्त वातावरण तैयार करने के उद्देश्य से कलेक्टर कुणाल दुदावत ने जिला स्तरीय एनकॉर्ड समिति की बैठक ली। बैठक में नशे के अवैध कारोबार पर कार्रवाई, जनजागरूकता अभियान और तंबाकू नियंत्रण गतिविधियों की समीक्षा की गई।

अभियान के निर्धारित दायित्वों में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर कलेक्टर ने उप संचालक समाज कल्याण और जिला शिक्षा अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

बैठक में पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

शिक्षण संस्थानों को बनाया जाएगा तंबाकू मुक्त
कलेक्टर ने जिले के सभी शासकीय एवं निजी स्कूलों और महाविद्यालयों को तंबाकू मुक्त परिसर बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कोटपा अधिनियम के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने तथा शिक्षण संस्थानों में तंबाकू निषेध संबंधी गतिविधियां संचालित करने को कहा।

उन्होंने निर्देश दिया कि स्कूल-कॉलेजों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री करने वाले दुकानदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया गया।

100 सप्ताह तक चलेगा जागरूकता अभियान
कलेक्टर ने जिले के सभी हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों तथा कॉलेजों में माय भारत युवा कार्यक्रम के तहत 100 सप्ताह तक नियमित नशामुक्ति जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए। आश्रम-छात्रावासों में भी नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

समाज कल्याण विभाग को विकासखंड स्तर पर नशामुक्ति जागरूकता अभियान चलाने तथा भारत वाहिनी की इकाइयों को सक्रिय रूप से जोड़कर ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए।

नशा मुक्ति केंद्रों की होगी निगरानी
बैठक में जिले में संचालित नशा मुक्ति केंद्रों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने केंद्रों का निर्धारित क्षमता के अनुरूप बेहतर प्रबंधन और प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही अवैध रूप से संचालित नशा मुक्ति केंद्रों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें बंद कराने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान केवल प्रशासन या पुलिस तक सीमित नहीं रहना चाहिए। सभी विभागों को आपसी समन्वय से इसे जनआंदोलन का स्वरूप देना होगा, ताकि युवाओं सहित समाज के हर वर्ग को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जा सके।