केंदई वन परिक्षेत्र के छिंदिया गांव की घटना, जेसीबी से बनाया रास्ता और बांस की सीढ़ी बनी सहारा
कोरबा। वन परिक्षेत्र केंदई अंतर्गत ग्राम छिंदिया में कुएं में गिरे एक भालू को वन विभाग ने करीब 15 घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया। देर रात करीब 9:30 बजे भालू बांस की सीढ़ी और जेसीबी से तैयार किए गए ढलाननुमा रास्ते की मदद से बाहर निकलकर सुरक्षित जंगल की ओर चला गया। भालू के सुरक्षित रेस्क्यू के बाद वन विभाग और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
जानकारी के अनुसार, भालू के कुएं में गिरने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची।
सबसे पहले कुएं के आसपास सुरक्षा घेरा बनाकर ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी पर रहने की समझाइश दी गई, ताकि भालू तनावग्रस्त न हो और किसी प्रकार की अप्रिय घटना न घटे।
कुएं की अधिक गहराई और भयभीत भालू के कारण रेस्क्यू अभियान चुनौतीपूर्ण रहा। वन विभाग ने कई प्रयास किए, लेकिन प्रारंभिक कोशिशें सफल नहीं हो सकीं। इसके बाद जेसीबी मशीन की सहायता से कुएं के एक हिस्से की मिट्टी काटकर ढलान तैयार की गई तथा कुएं के भीतर मजबूत बांस की सीढ़ी लगाई गई। साथ ही अनावश्यक भीड़ हटाकर पूरे क्षेत्र को शांत रखा गया, जिससे भालू बिना किसी बाधा के बाहर निकल सके।
लगातार प्रयासों के बाद भालू ने स्वयं बांस की सीढ़ी और बनाए गए रास्ते का उपयोग करते हुए सुरक्षित बाहर निकलकर जंगल की राह पकड़ ली।
यह रेस्क्यू अभियान वनमंडलाधिकारी कटघोरा कुमार निशांत के निर्देशन एवं उप वनमंडलाधिकारी संजय कुमार त्रिपाठी के मार्गदर्शन में संचालित किया गया। अभियान में वन परिक्षेत्र अधिकारी अभिषेक कुमार दुबे, वनपाल शारदा प्रसाद शर्मा, मंगल सिंह नायक, वनरक्षक गंगाराम नेताम, अशोक कुमार श्रीवास, मुरारी लाल साहू, प्रहलाद सिदार, हाथी मित्र दल के संदीप उइके एवं भोला यादव सहित स्थानीय ग्रामीणों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई वन्यप्राणी कुएं, गड्ढे या अन्य स्थान पर फंस जाए तो स्वयं बचाव का प्रयास न करें, न ही भीड़ लगाएं। तत्काल वन विभाग को सूचना दें। साथ ही खुले कुओं के चारों ओर मजबूत सुरक्षा दीवार या घेरा बनाने की भी अपील की गई है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।
Editor – Niraj Jaiswal
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