सरमा से कोरबी तक 3 किमी सड़क जर्जर, कोयला परिवहन से बिगड़े हालात; एम्बुलेंस, बसों और स्कूली बच्चों की आवाजाही प्रभावित

15 दिन में सड़क नहीं बनी तो होगा जन आंदोलन: कोरबी-रानी अटारी मार्ग की बदहाली पर ग्रामीणों का अल्टीमेटम

कोरबा। पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड अंतर्गत कोरबी-रानी अटारी मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। सरमा से कोरबी तक लगभग तीन किलोमीटर लंबी सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर सड़क मरम्मत का कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे जन आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और प्रशासन की होगी।

ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग क्षेत्र की जीवनरेखा है।

प्रतिदिन सैकड़ों ग्रामीण, छात्र-छात्राएं, कर्मचारी, व्यापारी और मरीज इसी सड़क से आवागमन करते हैं, लेकिन वर्षों से उपेक्षित यह सड़क अब बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। इससे हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

ग्रामीणों के अनुसार, इस मार्ग से प्रतिदिन कोयला परिवहन करने वाले भारी वाहनों की आवाजाही होती है। ओवरलोड ट्रकों के कारण सड़क की सतह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है।

कई स्थानों पर डामर उखड़ चुका है और गहरे गड्ढे बन गए हैं। बारिश के दौरान इनमें पानी भर जाने से वाहन चालकों को सड़क का वास्तविक स्वरूप दिखाई नहीं देता, जिससे हादसों की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।

सड़क के साथ-साथ कई पुलियाएं भी जर्जर हो चुकी हैं।

बरसात में तेज बहाव के कारण पुलियों से गुजरना जोखिम भरा हो जाता है। इससे छोटे-बड़े सभी वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।

ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की खराब स्थिति का सबसे ज्यादा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। गंभीर मरीजों को अस्पताल ले जाने वाली एम्बुलेंस गड्ढों और खराब सड़क के कारण समय पर नहीं पहुंच पाती। वहीं यात्रियों से भरी बसों का संचालन भी प्रभावित हो रहा है और कोयला लदे भारी वाहनों के पलटने का खतरा लगातार बना हुआ है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क और क्षतिग्रस्त पुलियों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग करते हुए स्पष्ट कहा है कि यदि 15 दिनों के भीतर काम शुरू नहीं हुआ, तो क्षेत्रवासी सड़क पर उतरकर जन आंदोलन करेंगे।