मेडिकल कचरे का ‘डंप हाउस’ बनने का आरोप, पुलिस जांच में जुटी; नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की तैयारी
कोरबा-उरगा। जिले के उरगा थाना क्षेत्र के ग्राम तरदा में बायोमेडिकल वेस्ट के कथित अवैध भंडारण का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। आबादी के बीच किराए के एक मकान में अस्पतालों का मेडिकल कचरा लाल, पीले और नीले रंग के बैगों में भरकर रखे जाने का खुलासा हुआ है। कमरे से उठ रही तेज दुर्गंध से परेशान ग्रामीणों ने पहले डायल-112 और बाद में उरगा पुलिस को सूचना दी। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
ग्रामीणों के अनुसार बुधवार को कमरे से तेज बदबू आने पर पुलिस को सूचना दी गई थी। गुरुवार सुबह जब एक मालवाहन के जरिए कचरे को दूसरी जगह ले जाने की तैयारी की गई तो ग्रामीणों ने विरोध करते हुए उरगा थाना पुलिस को बुला लिया। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रारंभिक जांच शुरू की।

उरगा थाना प्रभारी एसआई नवीन पटेल ने बताया कि तीन दिन पहले संबंधित मकान किराए पर लिया गया था, जहां विभिन्न अस्पतालों से एकत्रित बायोमेडिकल वेस्ट रखा गया था। मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दे दी गई है और जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन खर्च बचाने के लिए बनाया गया अस्थायी भंडारण?
प्रारंभिक जानकारी केअनुसार अस्पतालों और बायोमेडिकल वेस्ट संग्रहण करने वाली एजेंसी के बीच कचरे के उठाव और निस्तारण का अनुबंध है। आरोप है कि अधिकृत उपचार केंद्र तक प्रतिदिन कचरा पहुंचाने के बजाय परिवहन खर्च बचाने के उद्देश्य से ग्राम तरदा में किराए का कमरा लेकर मेडिकल वेस्ट जमा किया जा रहा था। पर्याप्त मात्रा में कचरा इकट्ठा होने के बाद उसे एक साथ उपचार केंद्र भेजने की तैयारी की जाती थी।
नियमों के उल्लंघन के आरोप
Biomedical Waste Management Rules, 2016 के तहत संक्रमित मेडिकल कचरे का सुरक्षित संग्रहण, परिवहन और अधिकृत कॉमन बायोमेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट फैसिलिटी (CBWTF) में वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण अनिवार्य है। किसी सामान्य मकान या आबादी वाले क्षेत्र में ऐसे कचरे का भंडारण नियमों की भावना के विपरीत माना जाता है।
स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार बायोमेडिकल वेस्ट में संक्रमित पट्टियां, खून से सनी सामग्री, सुई, प्लास्टिक मेडिकल सामग्री, लैब वेस्ट और अन्य संक्रमण फैलाने वाले अपशिष्ट शामिल हो सकते हैं।ऐसे कचरे को असुरक्षित स्थान पर रखने से संक्रमण फैलने, दुर्गंध, बैक्टीरिया और वायरस के प्रसार के साथ-साथ आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
एजेंसी की भूमिका पर भी सवाल
प्रारंभिक जांच में सामने आए दस्तावेजों के अनुसार कोरबा के एक अस्पताल और Envirocare International (Chhattisgarh) के बीच बायोमेडिकल वेस्ट के संग्रहण, परिवहन, उपचार और निस्तारण का अनुबंध हुआ है।
हालांकि जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि ग्राम तरदा में मेडिकल वेस्ट का भंडारण किस अनुमति और किन परिस्थितियों में किया गया। यदि नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित एजेंसी के विरुद्ध Biomedical Waste Management Rules, 2016, Environment (Protection) Act, 1986 सहित अन्य वैधानिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और ग्रामीणों की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।
Editor – Niraj Jaiswal
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