एसईसीएल आवासों में पेयजल कार्य पर उठे सवाल,मजबूत कांक्रीट  टंकियां तोड़कर लगाई जा रहीं सिंटेक्स टंकियां

मलबा गिरने से लोग घायल, वाहन क्षतिग्रस्त; सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप, उच्चस्तरीय जांच की मांग

कोरबा।एसईसीएल दीपका क्षेत्र के प्रगति नगर स्थित बी-टाइप आवासीय परिसर में पेयजल सुविधा विस्तार कार्य को लेकर विवाद गहरा गया है। स्थानीय रहवासियों ने आरोप लगाया है कि वर्षों से उपयोग में रही मजबूत कांक्रीट की पानी टंकियों को बिना आवश्यकता तोड़कर उनकी जगह कम क्षमता वाली सिंटेक्स टंकियां लगाई जा रही हैं। साथ ही निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और घटिया सामग्री के उपयोग के आरोप भी लगाए गए हैं।

रहवासियों का कहना है कि पुरानी कंक्रीट टंकियां मजबूत होने के साथ अधिक जल भंडारण क्षमता रखती थीं। इसके बावजूद उन्हें हटाकर स्थानीय स्तर की सिंटेक्स टंकियां लगाई जा रही हैं, जिससे कार्य की गुणवत्ता और खर्च को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का आरोप है कि पूरे टेंडर और सामग्री की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो बड़े स्तर पर अनियमितता सामने आ सकती है।

स्थानीय नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया कि तीन मंजिला इमारतों की छतों से भारी कंक्रीट का मलबा बिना किसी लिफ्ट मशीन या सुरक्षित व्यवस्था के सीधे नीचे गिराया जा रहा है। ठेकेदार द्वारा अस्थायी टीन की नली बनाकर मलबा फेंकने के कारण कंक्रीट के बड़े टुकड़े चारों ओर बिखर रहे हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है।

रहवासियों के अनुसार मलबा गिरने से कई लोग घायल हुए हैं, जबकि परिसर में खड़ी मोटरसाइकिलें और अन्य वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। आसपास के बी-टाइप आवासों को भी नुकसान पहुंचने की बात कही जा रही है। इससे पूरे परिसर में भय और असंतोष का माहौल है।

स्थानीय लोगों ने एसईसीएल प्रबंधन से मांग की है कि कार्यस्थल पर तत्काल सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराई जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। रहवासियों का कहना है कि विकास कार्यों के नाम पर लोगों की सुरक्षा से समझौता किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।