भीषण गर्मी में पानी के लिए जूझ रहे लोग,प्याऊ खुलने के बावजूद सुविधा नहीं

शहर से लेकर कस्बों में पानी के लिए मारामारी, लोग परेशान, आधे वार्डों में उद्योगों के भरोसे जलापूर्ति

कोरबा।40 डिग्री के तापमान के साथ मई का महीना अपने तेवर दिखा रहा है। बीच-बीच में मौसम के रुख में परिवर्तन के बावजूद समस्याएं गंभीर हो रही हैं। कोरबा शहर के कुछ इलाकों सहित जिले के कस्बों में पानी के लिए लोग मारामारी कर रहे हैं। राहगीरों को राहत देने के इरादे से कई जगह प्याऊ जरूर खोले गए, लेकिन वे उपयोगी साबित नहीं हो सके।

67 वार्डों में आधे की जल व्यवस्था उद्योगों के जिम्मे
नगर निगम कोरबा क्षेत्र के 67 वार्डों में लगभग आधे वार्डों की जल प्रदाय व्यवस्था एनटीपीसी, बालको, एसईसीएल और सीएसईबी के जिम्मे है, क्योंकि संबंधित वार्ड उनके इलाके में शामिल हैं। जबकि कोरबा शहर व आसपास के बाकी वार्डों में पानी भिजवाने की जिम्मेदारी नगर पालिक निगम की है।

8 ऐसे पॉइंट जहां नल-जल योजना से नहीं पहुंच सकता पानी
नगर निगम के जल प्रदाय विभाग के कार्यपालन अभियंता राकेश मसीह ने बताया कि कोरबा के एसईसीएल मानिकपुर क्षेत्रांतर्गत डबरी के पास बसे गायत्री नगर, रामपुर डैमपारा, चेकपोस्ट बालकोनगर, डिंगापुर आउटर सहित भिलाईखुर्द समेत 8 ऐसे पॉइंट हैं, जहां भौगोलिक संरचना के कारण नल-जल योजना से पानी पहुंचाना संभव नहीं हुआ है। इन इलाकों में निगम ने टैंकर की व्यवस्था की है और लोगों को राहत देने का प्रयास जारी है।

छुरीकला में वर्षों से जल संकट
नगर पंचायत क्षेत्र छुरीकला के कुछ हिस्से बीते कई वर्षों से जल संकट से दो-चार हो रहे हैं। अध्यक्ष पद्मिनी देवांगन ने बताया कि समस्याग्रस्त इलाकों में समाधान के लिए योजना बनाई गई है और इसे स्वीकृति के लिए ऊपर भेजा गया है। प्रयास है कि संबंधित इलाके के लोगों को राहत दी जाए।

कटघोरा में खाली मटके, राहगीर परेशान
नगर पालिका क्षेत्र कटघोरा में गर्मी के सीजन को देखते हुए तहसील चौराहा और व्यवहार न्यायालय के पास प्याऊ घर खोला गया था। शुरुआत में यहां मटकों की व्यवस्था की गई और कुछ दिन तक लोगों को सुविधा उपलब्ध कराई गई, लेकिन अब न तो यहां पानी है और न ही पानी पिलाने वाला। खाली मटकों को देखकर यहां आने वाले राहगीरों को यों ही लौटना पड़ रहा है।

पुलिस का प्याऊ बखूबी चल रहा
गौरतलब है कि कटघोरा पुलिस के द्वारा शहीद वीरनारायण चौराहे पर शुरू किया गया प्याऊ बखूबी संचालित है।

जरूरत: सेवा के लिए प्याऊ, पब्लिसिटी के लिए नहीं
जरूरत इस बात की है कि खास तौर पर गर्मी के मौसम में जल सेवा जैसे काम पब्लिसिटी पाने के बजाय विशुद्ध रूप से सेवा के लिए होना चाहिए, तभी इसकी सार्थकता साबित होगी।