कोरबा। गर्मी के लगातार बढ़ते असर के साथ शहर में जल को लेकर हालात गंभीर होते जा रहे हैं। तापमान में वृद्धि के कारण जलस्तर नीचे खिसक रहा है, जिससे आम लोगों को दैनिक जरूरतों के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।
सार्वजनिक नलों पर लगीं कतारें
सार्वजनिक नलों और हैंडपम्पों पर सुबह से ही लोगों की लंबी कतारें लग रही हैं। कई जगहों पर महिलाएं और बच्चे बर्तन लेकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आ रहे हैं।
कोयलांचल इलाकों में हालात चुनौतीपूर्ण
कोरबा शहर के स्लम इलाकों और उपनगरीय क्षेत्रों और कोयलांचल कुसमुंडा, गेवरा, दीपका व इनके आसपास के इलाके में स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। इन इलाकों में नियमित जलापूर्ति की व्यवस्था पहले से ही सीमित है, ऐसे में गर्मी के मौसम में संकट और गहरा गया है।
एक-दो दिन छोड़कर मिल रहा पानी
कई बस्तियों में लोगों को एक-दो दिन छोड़कर पानी मिल रहा है, जबकि कुछ स्थानों पर हैंडपम्प भी जवाब देने लगे हैं। जल की किल्लत के चलते लोगों के बीच छोटे-मोटे विवाद की घटनाएं भी सामने आ रही हैं।
महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी
पर्याप्त मात्रा में जल नहीं मिलने के कारण घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहा है। खासतौर पर महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है, जिन्हें दूर-दूर से जल लाने जाना पड़ता है।
टैंकरों की व्यवस्था नाकाफी
स्थानीय प्रशासन द्वारा टैंकरों के माध्यम से जल आपूर्ति करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन यह व्यवस्था जरूरत के मुकाबले नाकाफी साबित हो रही है। कई वार्डों में टैंकर समय पर नहीं पहुंच रहे, जिससे लोगों की नाराजगी बढ़ रही है।
स्थायी समाधान की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि हर साल गर्मी के मौसम में इस तरह की स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में अपेक्षित कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। जल संरक्षण और वैकल्पिक स्रोतों के विकास पर ध्यान देने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या से राहत मिल सके। वैकल्पिक उपाय किए गए हैं, लेकिन जरूरत के हिसाब से ये नाकाफी साबित हो रहे हैं।
Editor – Niraj Jaiswal
Mobile – 9754876042
Email – urjadhaninewskorba@gmail.com
Address – Press Complex, T.P. Nagar, Korba C.G. 495677
