जिला न्यायालय परिसर में अव्यवस्थित पार्किंग से आम नागरिक-अधिवक्ता परेशान,वसूली पर फोकस, व्यवस्था पर नहीं

कोरबा। जिला न्यायालय परिसर में वर्तमान में पार्किंग व्यवस्था पूरी तरह अव्यवस्थित हो चुकी है, जिससे अधिवक्ताओं, वादकारियों एवं आम नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

ठेका देते समय ये थी शर्त
ज्ञात हो कि कर्मचारी संघ द्वारा पार्किंग का ठेका इस शर्त के साथ दिया गया था कि संबंधित ठेकेदार द्वारा वाहनों को व्यवस्थित रूप से खड़ा कराया जाएगा तथा आवागमन सुगम बनाया जाएगा।

सिर्फ शुल्क वसूली तक सीमित रहा ठेकेदार का ध्यान
किन्तु व्यवहार में देखा जा रहा है कि पार्किंग ठेकेदार का ध्यान केवल शुल्क वसूली तक सीमित रह गया है, जबकि पार्किंग व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने की जिम्मेदारी की लगातार अनदेखी की जा रही है।

कोर्टरूम तक पहुंचने में होता है विलंब
परिणामस्वरूप न्यायालय परिसर में अनियोजित तरीके से वाहन खड़े होने के कारण अधिवक्ताओं एवं वादकारियों को कोर्टरूम तक पहुँचने में अनावश्यक विलंब का सामना करना पड़ता है।

न्यायिक कार्यों की समयबद्धता पर असर
यह स्थिति न्यायिक कार्यों की समयबद्धता को प्रभावित कर रही है तथा न्यायालय की गरिमा के अनुरूप नहीं है।

प्रशासन और कर्मचारी संघ से मांग
अतः संबंधित प्रशासन एवं कर्मचारी संघ से मांग की जाती है कि पार्किंग व्यवस्था को तत्काल सुधारने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएं तथा ठेकेदार को निर्धारित शर्तों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए जाएं।