झाबू के राखड़ बांध में भ्रष्टाचार चरम पर, राख भरने की जगह तक नहीं, बोगस बिल बनाकर हो रहा करोड़ों का खेल

कोरबा। छत्तीसगढ़ राज्य सरकार के अधीन सीएसईबी HTPP के डिंडोलभांटा, झाबू के राखड़ बांध में भ्रष्टाचार इस कदर बढ़ चुका है कि इस राखड़ बांध में राख रखने की जगह तक नहीं है। बांध में मिट्टी-राख का मेड़ बनाकर राख भरा जा रहा है।

सालाना 15 से 30 करोड़ के काम, लेकिन बोगस बिलों का खेल
इन बांधों में प्रतिवर्ष 15 से 30 करोड़ रुपये के राख खाली करने के कार्य होते हैं। लेकिन यह सब कागजों में होने एवं ‘बोगस बिल’ बनाकर भ्रष्टाचार करने की वजह से राज्य विद्युत मंडल के किसी भी बांध में राख रखने की जगह दो-तीन महीने से अधिक नहीं बचती है।

वर्षों से जमे हैं अधिकारी
इन बांधों में एक ही अधिकारी वर्षों से जमे रहते हैं, जिसकी वजह से भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। बड़े आश्चर्य की बात है कि उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन का गृहग्राम भी इसी क्षेत्र में है।

हसदेव नदी बन रही किसानों के लिए संकट
दिलीप मिरी, प्रदेश अध्यक्ष, छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना (गैर-राजनीतिक संगठन) ने कहा है कि यह हसदेव नदी अनेकों जिलों (कोरबा, चांपा-जांजगीर, सक्ति) में किसानों के लिए आत्महत्या का कारण जैसी है, क्योंकि किसानों की उपजाऊ जमीन इससे बर्बाद होगी।

मवेशियों और शहर की पानी सप्लाई पर भी खतरा
जो मवेशी यह पानी पियेंगे, उनको नुकसान होगा। साथ ही कोरबा जिले में यह पानी नगर निगम कोरबा के माध्यम से पूरे शहर में सप्लाई होता है। उन्होंने प्रश्न उठाया कि भविष्य में इसका क्या परिणाम होगा।

पूर्व और वर्तमान सरकार पर निशाना
दिलीप मिरी ने आरोप लगाया कि पूर्व कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार को वर्तमान की भाजपा सरकार आगे बढ़ा रही है। विधायक और मंत्री अपनी जेब भरने में लगे हैं।