कोरबा। वनांचल क्षेत्र में जनजातीय समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से बनाई जा रही कोरवापारा-बांसाखार सड़क निर्माण अब सवालों के घेरे में आ गई है। 8.70 किलोमीटर लंबी यह सड़क न केवल तय समय सीमा से 6 माह पीछे चल रही है, बल्कि इसके निर्माण की गुणवत्ता पर भी गंभीर आरोप लग रहे हैं।

रामपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम बताती से बांसाखार मेन रोड व्हाया कोरवापारा तक बन रही इस सड़क का निर्माण 28 सितंबर 2024 को शुरू हुआ था और इसे 27 सितंबर 2025 तक पूरा किया जाना था, लेकिन निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी कार्य अधूरा है। इस परियोजना पर 5.34 करोड़ रुपये की लागत स्वीकृत है, जबकि 5 वर्षों के रखरखाव के लिए अलग से 41.07 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं।

ग्रामीणों और जानकारों का आरोप है कि निर्माण कार्य में मापदंडों का पालन नहीं किया जा रहा है। पुल-पुलिया निर्माण में वाइब्रेटर का उपयोग नहीं हो रहा, सीमेंट की गुणवत्ता संदिग्ध है और सड़क की परत भी काफी पतली डाली जा रही है। इससे सड़क की मजबूती और टिकाऊपन पर सवाल उठ रहे हैं।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि निर्माण स्थल पर न तो कोई इंजीनियर मौजूद मिला और न ही कोई सुपरवाइजर। मजदूरों को भी ठेकेदार या जिम्मेदार अधिकारियों की जानकारी नहीं है। कार्य स्थल पर लगाए गए सूचना बोर्ड में भी किसी प्रकार का संपर्क विवरण दर्ज नहीं है, जिससे शिकायत या जानकारी के लिए कोई माध्यम उपलब्ध नहीं है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी तरह घटिया निर्माण जारी रहा तो पहली ही बारिश में सड़क उखड़ सकती है और करोड़ों रुपये की योजना बेकार साबित हो सकती है। उन्होंने मांग की है कि निर्माण कार्य की तत्काल जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए, ताकि जनजातीय क्षेत्र के लोगों को लंबे समय तक इसका लाभ मिल सके।
Editor – Niraj Jaiswal
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