भठोरा फेस खदान बंद! नराईबोध ग्रामीणों ने पुनर्वास-रोजगार की मांग पर किया आंदोलन

समझौते की अनदेखी पर ग्रामीण आक्रोश: गेवरा की भठोरा फेस खदान पूरी तरह ठप, 15 अप्रैल से अनिश्चितकालीन धरना का ऐलान

कोरबा।एसईसीएल गेवरा क्षेत्र के ग्राम नराईबोध के ग्रामीणों ने सोमवार सुबह भठोरा फेस खदान को पूरी तरह बंद कर दिया। पुनर्वास, बसाहट और रोजगार जैसी मूलभूत मांगों को लेकर ग्राम पंचायत के नेतृत्व में शुरू हुए इस आंदोलन से खदान में उत्पादन और परिवहन कार्य पूरी तरह ठप हो गया है।

आंदोलन सुबह 7 बजे से शुरू हुआ और ग्रामीणों ने खदान के मुख्य गेट पर डटकर विरोध प्रदर्शन किया।

ग्रामीणों के आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में जिला प्रशासन, एसईसीएल प्रबंधन और ग्राम नराईबोध के बीच हुई त्रिपक्षीय बैठक में कई महत्वपूर्ण समझौते हुए थे, लेकिन आज तक उन्हें लागू नहीं किया गया।

बैठक में प्रभावित परिवारों को उचित बसाहट स्थल, नागरिक सुविधाएं, छूटे मकानों की जीपीएस नापी और उचित मुआवजा देने का वादा किया गया था। साथ ही आउटसोर्सिंग कंपनी पीएनसी में 70 प्रतिशत स्थानीय प्रभावित ग्रामीणों को प्राथमिकता से रोजगार देने का भी फैसला हुआ था। बसाहट स्थल पर लंबित विकास कार्य भी तुरंत शुरू करने की मांग की गई है।

ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यह केवल सांकेतिक विरोध नहीं है। यदि प्रबंधन और प्रशासन तत्काल ठोस कदम नहीं उठाते, तो 15 अप्रैल 2026 से खदान के समीप अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया जाएगा।

प्रबंधन पर गंभीर आरोप
पार्षद अमिला राकेश पटेल ने कहा कि प्रबंधन ने बार-बार केवल आश्वासन दिए हैं, धरातल पर कोई काम नहीं हुआ। जब तक मांगों पर सार्थक कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। किसी भी अप्रिय स्थिति की पूरी जिम्मेदारी एसईसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन की होगी।

समाचार लिखे जाने तक भठोरा फेस में उत्पादन और कोयला परिवहन पूरी तरह प्रभावित रहा। मौके पर भारी संख्या में ग्रामीण महिलाएं और युवा डटे हुए हैं। प्रशासन की ओर से अब तक कोई वरिष्ठ अधिकारी वार्ता के लिए नहीं पहुंचा है, जिससे ग्रामीणों में रोष और बढ़ता जा रहा है।