गर्मी में मक्का-मूंगफली की लहलहाती फसलें देख कलेक्टर प्रभावित, खेत पहुंचकर किसानों से की चर्चा

कोरबा। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में किसान खरीफ के बाद रबी और ग्रीष्मकालीन फसलों के जरिए खेती की नई मिसाल पेश कर रहे हैं। इसी परिवर्तन को देखने के लिए कलेक्टर कुणाल दुदावत अधिकारियों की टीम के साथ खेतों तक पहुंचे और किसानों से सीधे संवाद कर खेती की स्थिति का जायजा लिया।

कलेक्टर ने कोरबा विकासखंड के दूरस्थ ग्राम बरपाली के कलमीटिकरा में लबेद जलाशय से सिंचित क्षेत्र का निरीक्षण किया। यहां किसानों द्वारा प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना के अंतर्गत किए जा रहे नवाचारों और फसल उत्पादन को करीब से देखा। गर्मी के मौसम में मक्का, उड़द और मूंगफली की लहलहाती फसलें देखकर वे प्रभावित हुए।

इस दौरान उन्होंने खेत में उतरकर किसान टीकाराम राठिया और सहदेव राठिया से चर्चा की और खेती के तरीकों तथा शासन की योजनाओं से मिल रहे लाभ की जानकारी ली।

किसानों ने बताया कि धान बेचने के बाद कृषक उन्नति योजना के तहत अंतर की राशि 28 फरवरी को उनके खातों में प्राप्त हो चुकी है। साथ ही कृषि विभाग की ओर से खाद, बीज और अन्य आवश्यक सहयोग भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

किसानों ने बताया कि पास स्थित लबेद जलाशय से पर्याप्त पानी मिलने के कारण गर्मी के मौसम में भी फसल लेने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती। यहां राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत मक्का, डीएमएफ से मूंगफली और दलहन आत्मनिर्भर योजना के तहत उड़द की खेती की जा रही है।

निरीक्षण के दौरान किसानों ने कलेक्टर के सामने लबेद जलाशय के पास पुल निर्माण की मांग भी रखी, जिससे आवागमन में सुविधा हो सके। इस पर कलेक्टर ने खेत की मेड़ों पर करीब एक किलोमीटर पैदल चलकर स्थल का निरीक्षण किया और जल संसाधन विभाग को पुल निर्माण की संभावनाओं का परीक्षण करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिनेश कुमार नाग, सहायक कलेक्टर क्षितिज गुरभेले और एसडीएम सरोज महिलांगे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।