भारी वाहनों के दबाव से ढेंगुरनाला, बेलगिरीनाला और सर्वमंगला पुल जर्जर

कलेक्टर के निर्देश के तीन सप्ताह बाद भी मरम्मत शुरू नहीं, प्रतिदिन 400 अतिरिक्त मालवाहकों से बढ़ा दबाव

कोरबा।कोरबा अंचल में भारी वाहनों की बढ़ती आवाजाही का असर अब प्रमुख पुलों की संरचना पर साफ दिखाई देने लगा है। ढेंगुरनाला, बेलगिरीनाला और सर्वमंगला पुल की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है, लेकिन आवश्यक मरम्मत कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाया है।

तीन सप्ताह पूर्व जिला कलेक्टर कुणाल दुदावत ने संबंधित अधिकारियों को पुलों की मरम्मत प्राथमिकता से कराने के निर्देश दिए थे, बावजूद इसके जमीनी स्तर पर कोई ठोस पहल नजर नहीं आ रही है।

सर्वमंगला नहर बायपास शुरू होने के बाद कुसमुंडा से उरगा होते हुए चांपा, रायगढ़ और अन्य क्षेत्रों के लिए कोयला परिवहन में लगे भारी वाहनों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अत्यधिक दबाव के कारण कुदुरमाल पुल क्षतिग्रस्त हो गया, जिसे सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया गया है।

इसके बाद भारी वाहनों को सर्वमंगला चौक से रिंग रोड (बालकोनगर) मार्ग से होकर गुजरना पड़ रहा है।

इस अतिरिक्त दबाव का असर ढेंगुरनाला और बेलगिरीनाला पुल पर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। पुलों पर बड़े गड्ढे बन गए हैं और जॉइंट्स के बीच गैप बढ़ता जा रहा है। सर्वमंगला पुल की सड़क भी लंबे समय से मरम्मत के अभाव में क्षतिग्रस्त बनी हुई है। दोपहिया वाहन चालकों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार, कुदुरमाल पुल बंद होने से प्रतिदिन लगभग 400 अतिरिक्त मालवाहक इन पुलों से गुजर रहे हैं।

पहले से ही रिंग रोड पर कोयला,राखड़,एल्यूमिनियमऔर लोहे से लदे 1000 सेअधिक मालवाहक प्रतिदिन आवागमन करते हैं। ऐसे में यातायात का दबाव कई गुना बढ़ गया है।

शहर और बाहरी क्षेत्रों के बीच संपर्क के लिए ये पुल जीवनरेखा माने जाते हैं। समय रहते मरम्मत कार्य प्रारंभ नहीं होने पर किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। नागरिकों ने प्रशासन से शीघ्र मरम्मत कार्य शुरू कराने की मांग की है।