ठेकेदार आज से आमरण अनशन पर, चेक कटेगा या फिर बढ़ेगा विवाद?

छुरीकला नगर पंचायत में अटल परिसर निर्माण भुगतान मामला, 6 माह की देरी पर सवाल

कोरबा–छुरीकला।शासन की योजनाओं के अंतर्गत कार्य पूर्ण करने के बावजूद भुगतान के लिए ठेकेदारों को दर-दर भटकना पड़ रहा है। ताजा मामला नगर पंचायत छुरीकला का है, जहां अटल परिसर निर्माण एवं मूर्ति स्थापना कार्य पूरा होने के बावजूद बीते छह माह से भुगतान लंबित है। प्रशासनिक स्तर पर जिम्मेदारों की कछुआ चाल के कारण शासन की त्वरित निराकरण की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। भुगतान न मिलने से आहत ठेकेदार ने अब आज से आमरण अनशन पर बैठने का ऐलान कर दिया है।

जानकारी के अनुसार नगर पंचायत छुरीकला द्वारा वर्ष 2024 में अटल परिसर निर्माण एवं मूर्ति स्थापना कार्य की निविदा अग्रवाल एजेंसी, कटघोरा को दी गई थी। अनुबंध शर्तों के अनुसार ठेकेदार ने निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण कर दिया। कार्य की कुल लागत करीब 20 लाख रुपये बताई जा रही है, जिसमें से अब तक केवल 40 प्रतिशत राशि का भुगतान हुआ है। शेष भुगतान के लिए ठेकेदार को पिछले 6 माह से कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

भुगतान में हो रही देरी से परेशान अग्रवाल एजेंसी के प्रोपराइटर अनिल अग्रवाल ने नगर पंचायत को पत्र लिखकर आमरण अनशन की चेतावनी दी है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि कार्य पूर्ण हुए छह माह से अधिक समय बीत चुका है, हैंडओवर और लोकार्पण भी हो चुका है, इसके बावजूद भुगतान नहीं किया जाना अनुबंध की शर्तों का सीधा उल्लंघन है।

चेतावनी दी गई है कि यदि 9 फरवरी 2026 तक भुगतान नहीं हुआ, तो 10 फरवरी को श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा के समक्ष आमरण अनशन किया जाएगा।
अनिल अग्रवाल की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर परिजन भी गंभीर चिंता जता रहे हैं।

सीएमओ बोले–फाइल नहीं आई, इंजीनियर बोले–आज चेक कटेगा
मामले में जब नगर पंचायत छुरीकला के सीएमओ से बातचीत की गई तो उन्होंने स्पष्ट किया कि भुगतान से संबंधित फाइल अभी तक उनके पास नहीं पहुंची है। उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को पूरा करने में संबंधित इंजीनियर द्वारा अनावश्यक विलंब किया जा रहा है, जिसको लेकर उन्हें पूर्व में नोटिस भी जारी किया जा चुका है।

सीएमओ के अनुसार इंजीनियर कटघोरा में अतिरिक्त प्रभार पर पदस्थ हैं और सप्ताह के अधिकांश दिन वहीं देने से छुरीकला नगर पंचायत का कामकाज प्रभावित हो रहा है।

वहीं, दूसरी ओर इंजीनियर चंद्रप्रकाश जायसवाल का कहना है कि भुगतान संबंधी फाइल कल ही पूर्ण कर दी गई है और आज चेक कटवा दिया जाएगा। उन्होंने ठेकेदार के आमरण अनशन को लेकर कहा कि वह उनसे बातचीत कर मामले का समाधान निकालने का प्रयास करेंगे।

अब देखने वाली बात यह होगी कि वास्तव में चेक कटता है या ठेकेदार को अनशन पर बैठना पड़ता है?

साथ ही बड़ा सवाल अब भी कायम है—जब कार्य समय पर और पूर्ण हुआ, तो भुगतान में 6 माह की देरी आखिर क्यों?