कलेक्टर कुणाल दुदावत ने किया वजन त्यौहार 2026 का शुभारंभ

बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य परीक्षण और जनजागरूकता पर दिया विशेष जोर

कोरबा।शासन के निर्देशानुसार जिले में वजन त्यौहार 2026 का शुभारंभ आज आंगनबाड़ी केन्द्र रामपुर-1, सेक्टर रामपुर (शहरी) में कलेक्टर कुणाल दुदावत द्वारा किया गया। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी बसंत मिंज,वार्ड पार्षद श्रीमती ममता यादव एवं परियोजना अधिकारी  मनोज अग्रवाल उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत आंगनबाड़ी केन्द्र में उपस्थित बच्चों के आत्मीय स्वागत एवं अभिवादन से हुई। इसके बाद कलेक्टर श्री दुदावत ने बच्चों से परिचय लिया। बच्चों द्वारा “नींबू देखो गोल-गोल” और “मछली जल की रानी है” जैसे बालगीत प्रस्तुत किए गए, जिससे कार्यक्रम का माहौल उल्लासपूर्ण बन गया।

कलेक्टर ने बच्चों को विभिन्न रंगों की पहचान कराई तथा सब्जियों और फलों के चित्रों के माध्यम से उनके पोषण महत्व की जानकारी दी। बच्चों ने उत्साहपूर्वक प्रश्नों के उत्तर दिए। गतिविधियों में भाग लेने वाले सभी बच्चों को चॉकलेट वितरित की गई।

कलेक्टर श्री दुदावत ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से केन्द्र में पंजीकृत बच्चों, गर्भवती महिलाओं, शिशुवती माताओं, कुपोषण की स्थिति एवं टीकाकरण संबंधी जानकारी ली।

उन्होंने बच्चों का वजन एवं ऊँचाई सही तरीके से मापने के निर्देश दिए तथा एनआरसी एवं घर पर बच्चों की समुचित देखभाल पर विशेष ध्यान देने को कहा।

कार्यक्रम के दौरान दो बच्चों नव्या (उम्र 2 माह), पिता करण गोड तथा आन्या (उम्र 5 माह), पिता शनि जायसवाल का वजन इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन से एवं ऊँचाई इन्फेंटोमीटर से मापी गई। कलेक्टर ने हितग्राहियों को टीकाकरण, संतुलित आहार, पौष्टिक भोजन एवं बच्चों की नियमित निगरानी के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन दिया।

वजन त्यौहार के शुभारंभ कार्यक्रम में 0 से 6 वर्ष तक के बच्चे, गर्भवती महिलाएँ, शिशुवती माताएँ, किशोरी बालिकाएँ, पर्यवेक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, मितानिन एवं स्थानीय नागरिकों की सक्रिय उपस्थिति रही।

वजन त्यौहार का उद्देश्य बच्चों की पोषण स्थिति का वास्तविक आकलन कर उन्हें आवश्यक सेवाओं से जोड़ना तथा समुदाय में पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

कलेक्टर श्री दुदावत ने आमजन से अपील की कि वे निर्धारित तिथियों में अपने क्षेत्र के आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों को अनिवार्य रूप से उपस्थित कराएं, ताकि वजन त्यौहार का उद्देश्य पूर्ण हो सके और जिले को कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकें।