दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन, सुहागिनों ने निभाई ‘सिंदूर खेला’ की परंपरा

कोरबा। विजयादशमी के बाद कोरबा में माँ दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन धूमधाम से जारी है। शहर की विभिन्न पूजा समितियों द्वारा सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजनों के साथ विसर्जन की प्रक्रिया संपन्न की जा रही है। हर दिन शहर के अलग-अलग हिस्सों में माँ दुर्गा के जयकारों के साथ विसर्जन का उत्साह देखने को मिल रहा है।

दुर्गा पूजा के समापन के अवसर पर कोरबा की गलियों और घाटों पर भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा। पूजा पंडालों में सुहागिन महिलाओं ने पारंपरिक ‘सिंदूर खेला’ की रस्म निभाई, जिसमें माँ दुर्गा को सिंदूर अर्पित कर अखंड सौभाग्य और परिवार के कल्याण की प्रार्थना की गई।

कोरबा की मिली-जुली संस्कृति में यह उत्सव विविध परंपराओं के साथ मनाया जा रहा है। कहीं बंगाली रीति से आरती हो रही है, तो कहीं छत्तीसगढ़ी लोक स्वरों में भक्ति की गूंज सुनाई दे रही है।

स्थानीय नागरिक मुनमुन ने बताया कि ‘सिंदूर खेला’ केवल सौभाग्य की कामना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह परंपरा कल्याण और एकता का संदेश भी देती है। उन्होंने कहा कि कोरबा में इस परंपरा को कई वर्षों से मनाया जा रहा है, जो शहर की सांस्कृतिक एकता को दर्शाता है।