मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जांजगीर-चांपा में की उच्चस्तरीय समीक्षा: कोरबा, सक्ती और जांजगीर में योजनाओं की प्रगति पर जोर, सड़क स्वीकृति में देरी पर जताई नाराजगी

जांजगीर-चांपा । मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने सोमवार को जांजगीर-चांपा जिला पंचायत कार्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में जांजगीर-चांपा, सक्ती और कोरबा जिलों में संचालित शासकीय योजनाओं, निर्माण कार्यों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की गहन समीक्षा की। सुशासन तिहार के तीसरे चरण की शुरुआत के अवसर पर सक्ती और कोरबा का दौरा करने के बाद वे जांजगीर-चांपा पहुंचे थे।

मुख्यमंत्री ने जांजगीर-चांपा में सड़क स्वीकृति में देरी पर नाराजगी जताते हुए तत्काल प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शी सुशासन के लिए प्रतिबद्ध है और सुशासन तिहार इसका हिस्सा है। पिछले डेढ़ साल में हुए कार्यों की गति और गुणवत्ता बढ़ाने की जरूरत पर बल देते हुए उन्होंने कलेक्टरों और एसपी को ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा करने और जनता व जनप्रतिनिधियों के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार करने को कहा। जनहित के कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होने की चेतावनी भी दी।

मुख्यमंत्री ने ग्रामीण बस सुविधा योजना के लिए रूट निर्धारण, संस्थागत प्रसव, सिकलसेल स्क्रीनिंग, जल जीवन मिशन, आय-जाति-निवास प्रमाणपत्र वितरण, स्वामित्व योजना, आयुष्मान भारत, और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने जेनेरिक दवाओं के उपयोग को बढ़ावा देने, मूंगफली की खेती को प्रोत्साहन, और खाद-बीज वितरण की तैयारी के निर्देश दिए।

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत 47 हजार स्वीकृत आवासों की धीमी प्रगति पर चिंता जताते हुए उन्होंने राजमिस्त्री प्रशिक्षण और निःशुल्क रेत आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। संयुक्त परिवारों में विवाहित पुत्रों को आवास स्वीकृति के लिए 500 रुपये का दानपत्र लिखने की सुविधा का भी उल्लेख किया।

वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने पंजीयन विभाग की 10 नई जनहितकारी सुविधाओं के लिए तकनीकी कार्यशालाओं के आयोजन का निर्देश दिया। बैठक में सांसद श्रीमती कमलेश जांगडे, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, और तीनों जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक व वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।