सभी लंबित टीएल प्रकरणों का अनिवार्य रूप से हो निराकरण : आयुक्त

कोरबा। आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने निगम के अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि टी.एल. प्रकरणों, कलेक्टर जनचौपाल, सीएम जनचौपाल, पीजीएन प्रकरण, पीएमओपीजी प्रकरण सहित अन्य सभी लंबित समयसीमा के प्रकरणों का एक सप्ताह के अंदर अनिवार्य रूप से निराकरण करावें, अन्यथा जवाबदेही तय कर कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होने कहा कि सभी लंबित प्रकरणों को गंभीरता से लें, उन पर संतुष्टि पूर्ण निराकरण की कार्यवाही करें तथा अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करें।


आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने मंगलवार को नगर पालिक निगम के मुख्य प्रशासनिक भवन साकेत स्थित सभाकक्ष में निगम के जोन कमिश्नरों, अधिकारियों, अभियंताओं की बैठक लेकर टी.एल.प्रकरणों, जनशिकायतों, सी.एम.जनचौपाल व कलेक्टर जनचौपाल के साथ ही पीजीएन प्रकरणों, पीएमओपीजी प्रकरणों के निराकरण की बिन्दुवार समीक्षा की। 

उन्होंने कहा कि जसमस्याओं व शिकायतों से संबंधित प्राप्त पत्रों का निराकरण सर्वप्राथमिकता के साथ करें, साथ ही यह भी अंतिम रूप से सुनिश्चित करें कि प्रकरणों का संतुष्टिपूर्ण रूप से निराकरण किया गया है।

आयुक्त ने निगम के उपायुक्त पवन वर्मा को टी.एल. प्रकरणों का नोडल अधिकारी नियुक्त करते हुए निर्देशित किया कि वे जोन कमिश्नरों व प्रभारी अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर प्रकरणों का निराकरण करावें तथा कार्य प्रगति का प्रतिवेदन समक्ष में प्रस्तुत करें।

बैठक के दौरान अधीक्षण अभियंता सुरेश बरूवा, उपायुक्त पवन वर्मा, स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.संजय तिवारी, जोन कमिश्नर भूषण उरांव, अजीत तिग्गा, अखिलेश शुक्ला, एन.के.नाथ, विनोद शांडिल्य, राकेश मसीह, तपन तिवारी, राजस्व अधिकारी अनिरूद्ध सिंह, सहायक अभियंता राहुल मिश्रा, पीयूष राजपूत, गोयल सिंह विमल, लीलाम्बर यादव आदि के साथ अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

आयुक्त ने बैठक के दौरान निगम के सभी जोन कमिश्नरों, मैदानी अधिकारी-कर्मचारियों व अतिक्रमण प्रभारी को निर्देशित करते हुए कहा कि निगम व शासकीय जमीनों, सार्वजनिक स्थानों, सडक़, फुटपाथ आदि पर अतिक्रमण व अवैध कब्जा न हो, इस हेतु सतर्क नजर रखें तथा जहॉं कहीं भी अवैध कब्जा व अतिक्रमण दिखे, उसे नियमानुसार हटाने की कार्यवाही सुनिश्चित कराएं।