भव्या हत्याकांड: कोर्ट परिसर में आरोपी की पिटाई, गांव से शहर तक आक्रोश

वकीलों ने आरोपी का केस नहीं लड़ने की अपील की, अधिवक्ता नूतन सिंह ठाकुर पीड़ित परिवार को देंगे न्यायिक मदद; ग्रामीणों ने पुलिस चौकी घेरकर जताया आक्रोश

कोरबा। रजगामार में सात वर्षीय भव्या जोशी की हत्या के मामले में आरोपी अजय उर्फ अमित चौहान की गिरफ्तारी के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है। शुक्रवार को आरोपी को विशेष न्यायाधीश के समक्ष पेश किए जाने के बाद न्यायालय परिसर में हंगामे की स्थिति बन गई।

आरोप है कि कक्ष से बाहर लाए जाने के दौरान कुछ अधिवक्ताओं ने आरोपी के साथ मारपीट की। पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव कर उसे भीड़ से निकाला और सुरक्षा के बीच जिला जेल पहुंचाया। दूसरी ओर, ग्रामीणों ने सुबह रजगामार पुलिस चौकी पहुंचकर प्रदर्शन किया। विभिन्न संगठनों ने भी आरोपी को कठोर सजा दिलाने की मांग उठाई है।

न्यायालय परिसर में हंगामा, पुलिस ने आरोपी को निकाला
पुलिस की वैधानिक कार्रवाई के बाद आरोपी को शुक्रवार दोपहर विशेष न्यायाधीश के समक्ष पेश किया गया।

न्यायालय कक्ष से बाहर लाए जाने के दौरान वहां मौजूद कुछ अधिवक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। इस दौरान आरोपी के साथ मारपीट किए जाने की बात सामने आई। पुलिसकर्मियों ने उसे बचाने और स्थिति नियंत्रित करने का प्रयास किया।

बाद में आरोपी को पुलिस वाहन से जिला जेल ले जाया गया। घटना के कारण न्यायालय परिसर में कुछ समय तक गहमागहमी बनी रही।

अधिवक्ता अब्दुल नफीस खान, सत्यव्रत उपाध्याय सहित अन्य अधिवक्ताओं ने जिला अधिवक्ता संघ से अपील की है कि कोई भी अधिवक्ता आरोपी की पैरवी न करे। संघ के सचिव नूतन सिंह ठाकुर ने कहा कि आरोपी का केस नहीं लड़ने के संबंध में निर्णय की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने पीड़ित परिवार को न्यायिक सहायता उपलब्ध कराने और उसकी ओर से पैरवी करने की बात भी कही है।

ग्रामीणों ने पुलिस चौकी पहुंचकर जताया आक्रोश
भव्या की हत्या की घटना से रजगामार से लेकर कोरबा शहर तक लोगों में नाराजगी है। आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण रजगामार पुलिस चौकी पहुंचे और प्रदर्शन किया।

उनकी मांग थी कि आरोपी को उनके सामने लाया जाए। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए आरोपी को ग्रामीणों के आक्रोश से बचाकर मुख्यालय तक पहुंचाया।

घटना के विरोध में विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने भी आवाज उठाई है। छत्तीसगढ़ जोहार पार्टी और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रतिनिधियों ने पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी को ज्ञापन सौंपकर आरोपी को कठोर सजा दिलाने की मांग की। आम आदमी पार्टी की ओर से सुभाष चौक पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित करने की जानकारी दी गई, जबकि रजगामार में कांग्रेस की ओर से कैंडल मार्च निकालने की बात कही गई।

रुपये दिलाने का झांसा देकर बच्ची को ले गया आरोपी
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि घटना के दिन बच्ची घरेलू सामान लेने के लिए किराना दुकान की ओर जा रही थी।

रास्ते में उसके रुपये गिर गए थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने रुपये वापस दिलाने का झांसा देकर बच्ची को अपने साथ ले लिया और कुछ दूर ले जाकर वारदात को अंजाम दिया।

बाद में बच्ची का शव गांव के श्मशान घाट के पास मिला।

पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और धारा 66 के साथ पॉक्सो अधिनियम की धारा 4 एवं 6 के तहत कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार, बच्ची के साथ दुष्कर्म की पुष्टि के लिए मेडिकल रिपोर्ट की प्रतीक्षा की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चिकित्सकीय परीक्षण और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

आरोपी की पारिवारिक पृष्ठभूमि की भी जांच
पुलिस के मुताबिक, 42 वर्षीय आरोपी अजय उर्फ अमित चौहान मूल रूप से बालकोनगर के सेक्टर-5 का निवासी है।

उसकी एक पत्नी बालकोनगर में रहती है, जबकि दूसरी पत्नी रजगामार चौकी क्षेत्र के रावणभाठा मोहल्ले में रहती है। आरोपी का वहां आना-जाना था और घटना के दिन भी वह रजगामार क्षेत्र में मौजूद था। पुलिस मामले से जुड़े सभी तथ्यों और परिस्थितियों की जांच कर रही है।

कठोर सजा की मांग, निष्पक्ष सुनवाई पर जोर
भव्या की मौत से आहत लोगों ने आरोपी को कठोरतम सजा दिलाने की मांग की है। मामले ने बच्चों की सुरक्षा और गंभीर अपराधों की त्वरित जांच को लेकर भी चिंता बढ़ाई है।

आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगा।