कलेक्टर ने दो सप्ताह में पूरा किया वादा, तीन दृष्टिबाधित भाई-बहनों के जीवन में गूंजेंगे खुशियों के सुर

तेलसरा में चौपाल के दौरान रखी थी वाद्य यंत्रों की मांग, जिला प्रशासन ने हारमोनियम, बांसुरी, ढोलक सहित अन्य सामग्री और छड़ी उपलब्ध कराई

कोरबा। संवेदनशील पहल और समय पर मदद किसी के जीवन में खुशियों के नए रंग भर सकती है। कोरबा जिले के ग्राम तेलसरा में इसका उदाहरण देखने को मिला, जहां कलेक्टर कुणाल दुदावत ने चौपाल के दौरान तीन दृष्टिबाधित भाई-बहनों को वाद्य यंत्र उपलब्ध कराने का वादा किया था।

जिला प्रशासन ने महज दो सप्ताह के भीतर यह वादा पूरा करते हुए उन्हें हारमोनियम, बांसुरी, झांझ, मंजीरा और ढोलक सहित आवश्यक वाद्य यंत्र तथा छड़ी प्रदान की।

दरअसल, विगत दिनों कलेक्टर कुणाल दुदावत ने जिले के खनन प्रभावित क्षेत्रों के दौरे के दौरान ग्राम तेलसरा के पंचायत भवन में चौपाल लगाकर ग्रामीणों से संवाद किया था।

इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं और जरूरतें सुनीं। चौपाल में एक ही परिवार के तीन दृष्टिबाधित सदस्य संतोष दास सारथी, उनकी बहन फुलेश्वरी सारथी और राखी सारथी ने अपनी संगीत में रुचि बताते हुए वाद्य यंत्र उपलब्ध कराने का आग्रह किया।

संगीत के प्रति रुचि को मिला प्रोत्साहन
तीनों भाई-बहनों के लिए संगीत केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि अपनी प्रतिभा को अभिव्यक्त करने और आगे बढ़ने का माध्यम भी है। उनकी जरूरत और संगीत के प्रति लगाव को समझते हुए कलेक्टर ने शीघ्र वाद्य यंत्र उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। यह आश्वासन महज औपचारिकता बनकर नहीं रह गया। करीब दो सप्ताह के भीतर समाज कल्याण विभाग के अधिकारी ग्राम तेलसरा पहुंचे और तीनों को आवश्यक सामग्री प्रदान की।

उन्हें हारमोनियम, बांसुरी, झांझ, मंजीरा और ढोलक के साथ छड़ी भी दी गई। इन वाद्य यंत्रों की उपलब्धता से तीनों को अपनी संगीत प्रतिभा निखारने और नियमित अभ्यास करने का अवसर मिलेगा।

परिवार ने जताया आभार
वाद्य यंत्र मिलने पर परिवार के सदस्यों ने खुशी जाहिर करते हुए कलेक्टर और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनकी जरूरत को गंभीरता से सुना गया और जो भरोसा दिलाया गया था, उसे समय पर पूरा भी किया गया। उनके लिए यह पहल केवल वाद्य यंत्र मिलने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपनी रुचि और हुनर को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

जरूरत को समझकर मदद की पहल
जिला प्रशासन की यह पहल बताती है कि जनसमस्याओं के समाधान के साथ लोगों की व्यक्तिगत जरूरतों, रुचियों और प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना भी महत्वपूर्ण है। ग्राम तेलसरा की चौपाल में सामने आई एक छोटी-सी मांग पर समयबद्ध कार्रवाई ने तीनों दृष्टिबाधित भाई-बहनों को संगीत के क्षेत्र में आगे बढ़ने का नया अवसर दिया है।

उनके हाथों में पहुंचे वाद्य यंत्र अब केवल संगीत के साधन नहीं, बल्कि उम्मीद, आत्मविश्वास और खुशियों के नए सुर हैं।