एसईसीएल कर्मियों के एलपीजी फ्यूल अलाउंस की दरें एक समान

छत्तीसगढ़ में प्रति सिलेंडर 1,013 रुपये का भुगतान, कोरबा के करीब 11 हजार कोयला कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

कोरबा। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के कोयला कर्मचारियों के लिए एलपीजी फ्यूल अलाउंस की दरों में एकरूपता लागू कर दी गई है। नई व्यवस्था के तहत छत्तीसगढ़ में कार्यरत कर्मचारियों को प्रति सिलेंडर 1,013 रुपये और मध्यप्रदेश में कार्यरत कर्मचारियों को 947.50 रुपये का भुगतान किया जाएगा। केंद्रीकृत दरें अक्टूबर से प्रभावी की गई हैं। इस फैसले से कोरबा जिले में कार्यरत लगभग 11 हजार कोयला कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

एसईसीएल, कोल इंडिया लिमिटेड की अनुषंगी कंपनी है।

इसकी कोयला खदानें छत्तीसगढ़ के कोरबा, रायगढ़ और कोरिया सहित विभिन्न क्षेत्रों में संचालित हैं। कंपनी का खनन कार्य मध्यप्रदेश के कई जिलों में भी फैला हुआ है। कोरबा जिले में गेवरा, कुसमुंडा और दीपका जैसी देश की प्रमुख मेगा कोयला खदानें हैं। इसके अलावा कोरबा एरिया की भूमिगत और ओपनकास्ट खदानों में भी बड़ी संख्या में कर्मचारी कार्यरत हैं। ऐसे में एलपीजी फ्यूल अलाउंस की नई दरें यहां के कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।

पहले अलग-अलग एरिया में मिलती थी अलग दर
अब तक छत्तीसगढ़ में एसईसीएल के विभिन्न एरिया में एलपीजी फ्यूल अलाउंस के भुगतान की दरों में अंतर था।

इसके कारण एक ही राज्य में कार्यरत कर्मचारियों को अलग-अलग दरों से राशि मिल रही थी। कर्मचारी संगठनों की ओर से इस अंतर को दूर कर सभी क्षेत्रों में समान दर लागू करने की मांग की जाती रही है। यह विषय नेशनल कोल वेज एग्रीमेंट-11 के इंस्ट्रक्शन नंबर-4 में भी शामिल रहा है।

केंद्रीकृत दर लागू होने से छत्तीसगढ़ के अलग-अलग एरिया में कार्यरत कर्मचारियों के लिए भुगतान व्यवस्था एक समान होगी। इससे पहले लागू दरों के कारण उत्पन्न अंतर को दूर करने में मदद मिलेगी।

कोयले की जगह शुरू हुआ था एलपीजी भत्ते का प्रावधान
पहले कोयला कर्मचारियों को घरेलू ईंधन के रूप में प्रतिमाह कोयला उपलब्ध कराया जाता था। बाद में इस व्यवस्था को समाप्त कर एलपीजी सिलेंडर के लिए भत्ते का प्रावधान किया गया। इसके तहत कर्मचारियों के खाते में निर्धारित राशि जमा की जाती है, ताकि वे घरेलू उपयोग के लिए गैस सिलेंडर की व्यवस्था कर सकें।


होम डिलीवरी और परिवहन शुल्क पर नजर
नई दरें लागू होने के बाद भी होम डिलीवरी और परिवहन शुल्क के भुगतान को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।

जारी आदेश के अनुसार एलपीजी फ्यूल अलाउंस की दर निर्धारित की गई है, लेकिन अतिरिक्त शुल्क का समायोजन किस तरह किया जाएगा, इस संबंध में अलग से स्पष्टता सामने नहीं आई है।

ऐसे में कर्मचारियों की नजर इस बात पर रहेगी कि होम डिलीवरी और परिवहन शुल्क का भुगतान निर्धारित दर के अतिरिक्त होगा या उसका समायोजन इसी राशि में किया जाएगा। फिलहाल, नई व्यवस्था से एलपीजी फ्यूल अलाउंस की दरों में एकरूपता आने से कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।