रेल संरक्षा में शॉर्टकट की गुंजाइश नहीं, नियमों के पालन पर जोर

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की संरक्षा संगोष्ठी में दुर्घटनाओं की रोकथाम पर मंथन, कर्मचारियों को फायर फाइटिंग और प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण

कोरबा।रेल परिचालन में संरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह के शॉर्टकट की गुंजाइश नहीं है। प्रत्येक कर्मचारी को निर्धारित नियमों का पालन करते हुए सतर्कता और सजगता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। यह संदेश दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल के संरक्षा विभाग द्वारा आयोजित संरक्षा संगोष्ठी में दिया गया। संगोष्ठी में रेल दुर्घटनाओं की संभावित वजहों, बचाव के उपायों और विभिन्न परिचालन परिस्थितियों में बरती जाने वाली सावधानियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने लिया भाग
संरक्षा अधिकारी दीपक ठाकुर के निर्देशन में आयोजित संगोष्ठी में मंडल संरक्षा अधिकारी सीएमपी बेक और क्षेत्रीय रेल प्रबंधक उत्कर्ष गौरव उपस्थित रहे। इसमें स्टेशन मास्टर, एसएसई, जेई, डीटीआई, सीएलआई, लोको पायलट, सहायक लोको पायलट, पॉइंट्समैन, गेटमैन, टेक्नीशियन, गैंगमैन, वाणिज्यिक क्लर्क और आरपीएफ सहित विभिन्न विभागों के रेल कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।

संगोष्ठी के दौरान दुर्घटनाओं के संभावित कारणों की समीक्षा करते हुए उन्हें रोकने के लिए अपनाए जाने वाले उपायों पर चर्चा की गई। कर्मचारियों को कार्य के दौरान निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करने और जोखिम की स्थिति में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता बताई गई।

शंटिंग से लेकर ओएचई ब्लॉक तक की सावधानियों पर चर्चा
संगोष्ठी में सिग्नल पासिंग एट डेंजर (एसपीएडी), कार्यस्थल सुरक्षा, शंटिंग के दौरान सावधानियां, लोड स्थिरीकरण, इंटरलॉक और नॉन-इंटरलॉक पॉइंट पर शंटिंग की प्रक्रिया जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विमर्श किया गया। इसके साथ ही ओएचई आइसोलेटर और ओएचई ब्लॉक के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, एसपीएडी से बचाव तथा आपदा प्रबंधन पर भी जानकारी दी गई।

इन विषयों के माध्यम से कर्मचारियों को परिचालन के दौरान संभावित जोखिमों की पहचान करने और निर्धारित संरक्षा प्रक्रियाओं के अनुरूप काम करने के महत्व से अवगत कराया गया।

आग से बचाव और प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण
संगोष्ठी में सिविल डिफेंस के एमकेएस चौहान ने कर्मचारियों को अग्निशमन और प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दिया। उन्हें आपात स्थिति में आग पर काबू पाने तथा घायल व्यक्ति को तत्काल प्राथमिक सहायता देने से संबंधित जानकारी दी गई।

मंडल संरक्षा अधिकारी सीएमपी बेक और क्षेत्रीय रेल प्रबंधक उत्कर्ष गौरव ने कर्मचारियों को संरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि रेल परिचालन में छोटी-सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसलिए प्रत्येक कर्मचारी को अपने कार्य के प्रति सजग रहते हुए संरक्षा को सर्वोच्च महत्व देना चाहिए।