नवरात्र में बढ़ा यातायात का दबाव, मुख्य मार्ग पर जाम से लोग परेशान

सीएसईबी चौक से नहर पुल तक धीमी रही वाहनों की रफ्तार, यात्री बसों के प्रवेश पर रोक के पालन को लेकर उठे सवाल

कोरबा।शारदीय नवरात्र के चलते कोरबा शहर में इन दिनों सड़कों पर लोगों की आवाजाही बढ़ गई है। पूजा पंडालों, बाजारों और धार्मिक स्थलों तक पहुंचने के लिए बड़ी संख्या में लोग घरों से निकल रहे हैं। ऐसे में शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ गया है। इसके बावजूद मुख्य मार्ग पर यात्री बसों की आवाजाही जारी रहने से जाम की समस्या गंभीर हो रही है। कुछ महीने पहले इस मार्ग पर यात्री बसों के प्रवेश पर रोक लगाने का आदेश जारी किया गया था, लेकिन मौजूदा स्थिति को देखते हुए इसके प्रभावी पालन पर सवाल उठ रहे हैं।

शहर के सीएसईबी चौक से जल संसाधन विभाग के नहर पुल तक और आगे के हिस्से में लंबे समय से जाम की समस्या बनी हुई है। व्यस्त समय में इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वाहनों का दबाव बढ़ते ही सड़क पर आवाजाही की रफ्तार धीमी पड़ जाती है।

दोपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ यात्री बसें भी जाम में फंस जाती हैं। इसके कारण कम दूरी तय करने में भी लोगों को काफी समय लग जाता है। नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं और आम नागरिकों की बढ़ती आवाजाही ने समस्या को और बढ़ा दिया है।

रेलवे स्टेशन से ट्रांसपोर्ट नगर तक प्रभावित हो रही आवाजाही
मुख्य मार्ग पर लगने वाले जाम का असर शहर के दूसरे हिस्सों से आने-जाने वाले लोगों पर भी पड़ रहा है। रेलवे स्टेशन, प्रात:काल बाईपास और ट्रांसपोर्ट नगर की ओर जाने वाले नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और यात्रियों को अनावश्यक देरी का सामना करना पड़ रहा है। जाम में फंसने से लोगों के जरूरी काम प्रभावित होते हैं और निर्धारित समय पर गंतव्य तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लगने से यातायात चींटी की चाल से चलता नजर आता है।

ईंधन की खपत बढ़ने से जेब पर भी असर
जाम के कारण वाहन चालकों को समय की बर्बादी के साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। लंबे समय तक वाहनों के खड़े रहने और धीमी गति से चलने के कारण पेट्रोल-डीजल की खपत बढ़ती है। ऐसे में रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों पर अतिरिक्त खर्च का बोझ पड़ता है।

शहरवासियों का कहना है कि जब यात्री बसों के प्रवेश को नियंत्रित करने के लिए पहले ही आदेश जारी किया जा चुका है, तो उसका सख्ती से पालन कराया जाना चाहिए।

यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने की जरूरत
नवरात्र और अन्य प्रमुख पर्वों के दौरान शहर में यातायात का दबाव बढ़ना स्वाभाविक है, लेकिन ऐसी स्थिति में व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।

शहरवासियों ने मुख्य मार्ग पर यात्री बसों की आवाजाही नियंत्रित करने, जाम वाले स्थानों पर यातायात पुलिस की तैनाती बढ़ाने और नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने की आवश्यकता जताई है। अब देखना यह है कि संबंधित अधिकारी इस समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाते हैं, ताकि लोगों को रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिल सके।