बंग समाज ने निकाली महास्नान यात्रा, स्नान-पूजन के साथ शुरू हुए सप्तमी के अनुष्ठान

कोरबा। शारदीय नवरात्र पर कोरबा में बंगाली समाज द्वारा पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मां दुर्गा की आराधना की जा रही है। दुर्गा पूजा के तहत षष्ठी तिथि से पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना शुरू की गई। वहीं, सप्तमी की सुबह समाज ने परंपरागत रूप से नवपत्रिका महास्नान यात्रा निकाली। इस अनुष्ठान के साथ दुर्गा पूजा की धार्मिक गतिविधियों को आगे बढ़ाया गया।

शनिवार सुबह शारदा विहार और अमरैया पारा से पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ नवपत्रिका यात्रा निकाली गई। धार्मिक विधान के अनुसार केले के वृक्ष सहित नौ प्रकार के पत्तों से तैयार नवपत्रिका को जलाशय में स्नान कराया गया। इसके बाद केले के वृक्ष की पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान समाज के लोगों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ अनुष्ठान में भाग लिया।

आचार्य सोमनाथ लाहिड़ी ने बताया कि नवरात्र में प्रकृति की उपासना का विशेष महत्व है। देवी आराधना के माध्यम से दिव्य गुणों को आत्मसात करने और जीवन में सकारात्मकता लाने का संदेश मिलता है। उन्होंने कहा कि धार्मिक त्योहार और अनुष्ठान केवल परंपराओं का निर्वहन नहीं हैं, बल्कि इनके पीछे मानवता, सामाजिक सद्भाव और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने का भाव भी निहित है।

उन्होंने बताया कि नवपत्रिका महास्नान बंगाली समाज की दुर्गा पूजा की महत्वपूर्ण परंपरा है। इसके संपन्न होने के बाद सप्तमी के पूजन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान विधिवत किए जाते हैं। ऐसे आयोजन सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखने के साथ समाज में आस्था और एकजुटता को भी मजबूत करते हैं।