13 किलोमीटर की धर्मयात्रा से दिया स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और संस्कृति बचाने का संदेश

‘हनुमान अंश’ के अभिनेता शोभिनव सत्य ने की पहल की सराहना, देहदान और नेत्रदान से जुड़े परिवारों का हुआ सम्मान

कोरबा।आध्यात्म, प्रकृति और स्वच्छता को एक सूत्र में जोड़ने के उद्देश्य से नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा ‘चलो रामकचहरी-राम भांचा के द्वार’ वॉकथॉन का आयोजन किया गया। कोरबा जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर दूधीटांगर से पुटका पहाड़ स्थित रामकचहरी तक आयोजित इस 13 किलोमीटर लंबी पदयात्रा में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने हिस्सा लिया। फिल्म हनुमान अंश के अभिनेता शोभिनव सत्य ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे आध्यात्म, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता का अनूठा संगम बताया।

वॉकथॉन में महापौर संजूदेवी राजपूत, नगर निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, एसडीएम सरोज महिलांगे सहित निगम के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। सभी ने वनाच्छादित क्षेत्र से गुजरते हुए करीब 13 किलोमीटर की पदयात्रा पूरी की। आयोजन का उद्देश्य लोगों को आध्यात्म से जोड़ने के साथ प्रकृति संरक्षण, स्वच्छता और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना था।

शोभिनव सत्य ने की पहल की सराहना
रामकचहरी पहुंचने पर अभिनेता शोभिनव सत्य ने वहां स्थित हनुमान जी की प्रतिमा पर वंदन-लेपन कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने रामकचहरी स्थल के इतिहास की जानकारी भी ली। फुटका पहाड़ से स्वच्छता का संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि महापौर और आयुक्त की पहल पर निगम के सफाई मित्रों तथा कर्मचारियों ने रामकचहरी क्षेत्र में साफ-सफाई की, जो सराहनीय प्रयास है।

उन्होंने कहा कि नगर निगम ने लोगों को प्रकृति और आध्यात्म से जोड़ने के लिए अच्छी पहल की है। ऐसे आयोजन पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति लोगों की जिम्मेदारी का एहसास कराने में मददगार साबित हो सकते हैं।

आध्यात्म, प्रकृति और स्वच्छता का संगम
महापौर संजूदेवी राजपूत ने कहा कि दूधीटांगर से वनाच्छादित क्षेत्र होते हुए रामकचहरी तक निकाली गई वॉकथॉन यात्रा आध्यात्म, प्रकृति और स्वच्छता का संगम है। इसके माध्यम से लोगों को धार्मिक स्थलों से जुड़ने, प्राकृतिक धरोहरों को सुरक्षित रखने और स्वच्छता अपनाने का संदेश दिया गया।

नगर निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने कहा कि यह वॉकथॉन केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता के प्रति जागरूकता, स्वस्थ जीवनशैली और प्रभु श्रीराम के प्रति आस्था को जोड़ने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से लोगों को प्रकृति की रक्षा करने और अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।

देहदान और नेत्रदान करने वालों के परिवार सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान भारत विकास परिषद के तत्वावधान में देहदान करने वाले परिवारों को सम्मानित किया गया।

महापौर संजूदेवी राजपूत ने देहदानदाता परिवारों के सदस्य रमेश साहू, धनंजय चौहान, महेंद्र महतो और संतोष महंत को सम्मानित किया। वहीं, नेत्रदान करने वाले डॉ. एम.एन. उपाध्याय की पत्नी हंसा उपाध्याय का भी सम्मान किया गया।

आयोजन के जरिए सामाजिक सरोकारों को बढ़ावा देने के साथ लोगों को देहदान और नेत्रदान के महत्व के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया।