मां सर्वमंगला मंदिर परिसर में निकला कोबरा, RCRS ने किया सुरक्षित रेस्क्यू

कोरबा। नवरात्रि के दौरान शहर के प्रसिद्ध मां सर्वमंगला मंदिर परिसर में उस समय लोगों का ध्यान एक ओर आकर्षित हो गया, जब भंडारे के लिए निर्धारित स्थान के पास कोबरा दिखाई दिया। मंदिर परिसर में नाग को देखकर श्रद्धालुओं के बीच कौतूहल का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर वन विभाग और RCRS (रेप्टाइल केयर एंड रेस्क्यूर सोसायटी), कोरबा की टीम मौके पर पहुंची और सावधानीपूर्वक सांप का सुरक्षित रेस्क्यू किया।

जानकारी के अनुसार, मंदिर परिसर में भंडारे वाली जगह के पास अचानक कोबरा दिखाई देने पर वहां मौजूद लोगों की नजर उस पर पड़ी। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। नवरात्रि के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई थी। ऐसे में लोगों की सुरक्षा और सांप को नुकसान से बचाने के लिए तत्काल रेस्क्यू टीम को सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही RCRS के सदस्य मानस और अतुल मौके पर पहुंचे। टीम ने स्थिति का जायजा लिया और मानस ने सावधानीपूर्वक कोबरा का रेस्क्यू किया। राहत की बात रही कि इस दौरान किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।

नवरात्रि में नाग दिखने से श्रद्धालुओं में चर्चा

नवरात्रि के दौरान मंदिर परिसर में नाग दिखाई देने की घटना श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बन गई। कुछ लोगों ने इसे धार्मिक आस्था से जोड़कर देखा। हालांकि, सांप का दिखाई देना एक प्राकृतिक घटना है। ऐसी स्थिति में वन्यजीव को नुकसान पहुंचाए बिना लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।

सांप दिखे तो भीड़ न लगाएं, सुरक्षित दूरी बनाए रखें

वन विभाग और RCRS की टीम ने लोगों से अपील की है कि घर, मंदिर, दुकान, वाहन या किसी अन्य स्थान पर सांप दिखाई देने पर घबराएं नहीं। उसे मारने, पकड़ने या उसके साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश न करें। मौके पर भीड़ लगाने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाए रखें और बच्चों को भी दूर रखें। सांप को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करने के लिए प्रशिक्षित टीम को सूचना दें।

RCRS ने लोगों से अपील करते हुए संदेश दिया है  “सांप दिखे तो RCRS को कॉल करें, आपकी सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी।”

RCRS हेल्पलाइन नंबर

सांप दिखाई देने पर इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है:

– अविनाश यादव — RCRS हेल्पलाइन

–  98279 17848

–  90099 96789

–  79879 57958

वन्यजीव पर्यावरण का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। जागरूकता और सावधानी बरतकर मनुष्य तथा वन्यजीव, दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।