पीएम जनमन से संवरेंगी वनांचल की सड़कें,ग्रामीणों का आवागमन होगा आसान

कोरबा। बारिश थमने के बाद जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों ने गति पकड़नी शुरू कर दी है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों के डामरीकरण और आवश्यक संधारण कार्य किए जा रहे हैं। इन कार्यों का उद्देश्य विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) की बसाहटों तक पहुंच आसान बनाना और ग्रामीणों के आवागमन को सुविधाजनक करना है।

बरसात के दौरान दूरस्थ गांवों में सड़कें कीचड़, फिसलन और जलभराव के कारण आवागमन में परेशानी पैदा करती हैं। ऐसी स्थिति में ग्रामीणों को पैदल चलने के साथ दोपहिया और अन्य वाहनों से आने-जाने में भी कठिनाई होती है। सड़क संपर्क बेहतर होने से ग्रामीणों को दैनिक जरूरतों, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए आवाजाही में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

पीवीटीजी बसाहटों तक पहुंच आसान बनाने की पहल

पाली विकासखंड में पीएम जनमन के तहत पीवीटीजी बसाहटों को जोड़ने वाली भंडारखोल से खैरबहार सड़क पर डामरीकरण का काम शुरू किया गया है। 1.4 किलोमीटर लंबा यह मार्ग स्थानीय बसाहटों के लिए संपर्क सड़क के रूप में महत्वपूर्ण है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद ग्रामीणों को आवागमन में राहत मिलने की उम्मीद है।

इसी तरह कोरबा विकासखंड के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र में ऐलोंग से सिमकेंदा वाया तितरडांड तक 5.58 किलोमीटर लंबी स्वीकृत सड़क पर डामरीकरण की तैयारी की जा रही है। वहीं, नकिया से खम्हुन तक 5.50 किलोमीटर लंबी सड़क का काम भी शुरू किया गया है।

ग्रामीण संपर्क मजबूत करने पर जोर

इन सड़क निर्माण कार्यों से दूरस्थ गांवों और बसाहटों का संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है। खासकर बरसात के दौरान जिन मार्गों पर आवागमन कठिन हो जाता है, वहां सड़क की स्थिति सुधरने से ग्रामीणों को राहत मिल सकती है। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद स्थानीय लोगों को दैनिक आवागमन के साथ जरूरी सेवाओं तक पहुंचने में भी सुविधा मिलने की संभावना है।