विकसित भारत-जी राम जी योजना में 127 करोड़ के 3056 कार्य स्वीकृत

जल संरक्षण से लेकर बालिका शौचालय और ग्रामीण भवनों तक के कामों को प्राथमिकता, गांवों में रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर जोर

कोरबा।विकसित भारत-जी राम जी योजना के तहत कोरबा जिले में ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की दिशा में 127 करोड़ रुपये की लागत के 3056 कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इन कार्यों में जल संरक्षण, कृषि उपयोगी संरचनाओं के निर्माण, बालिका शौचालय, मुक्तिधाम, सैंड फिल्टर बोरवेल और ग्रामीण अधोसंरचना से जुड़े कार्य शामिल हैं। योजना के माध्यम से गांवों में स्थानीय जरूरतों के अनुरूप उपयोगी परिसंपत्तियों के निर्माण पर जोर दिया जा रहा है।

कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशन और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन के मार्गदर्शन में जिले की ग्राम पंचायतों में विभिन्न कार्यों को स्वीकृति दी गई है। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ ऐसी परिसंपत्तियां विकसित करने पर ध्यान दिया जा रहा है, जिनका लाभ स्थानीय लोगों को लंबे समय तक मिल सके।

600 से अधिक स्कूलों में बनेंगे बालिका शौचालय

योजना के अंतर्गत जिले के सभी पांच विकासखंडों के 600 से अधिक शासकीय विद्यालयों में 666 बालिका शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अलावा 210 मुक्तिधाम, 215 सैंड फिल्टर बोरवेल, 68 पीडीएस भवन तथा ग्राम पंचायत और आंगनवाड़ी भवनों से जुड़े निर्माण कार्यों को भी स्वीकृति दी गई है। इन कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और सार्वजनिक उपयोग की संरचनाओं को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

जल संरक्षण के लिए 1283 कृषि डबरी स्वीकृत

जल संरक्षण एवं संवर्धन को प्राथमिकता देते हुए ‘मोर गांव, मोर पानी’ अभियान के तहत बड़ी संख्या में जल संरचनाओं के निर्माण और सुधार के कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 1283 कृषि डबरी, 215 परकोलेशन टैंक, 80 कंटूर ट्रेंच और 203 तालाबों के गहरीकरण के कार्य शामिल हैं। इन संरचनाओं का उद्देश्य वर्षा जल को संरक्षित करना, भू-जल स्तर के संवर्धन में मदद करना और कृषि कार्यों के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ाना है।

ग्रामीण परिवारों को 125 दिन रोजगार का प्रावधान

विकसित भारत-जी राम जी योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों तक अकुशल रोजगार उपलब्ध कराने का प्रावधान है। जिले में स्वीकृत विकास कार्यों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ जल संरक्षण और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।