बालको ने चलाया जन स्वास्थ्य अभियान, टीबी मुक्त चुहिया पंचायत को मिला सम्मान

बालकोनगर। टीबी उन्मूलन और सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के बीच कोरबा जिले की चुहिया ग्राम पंचायत को पिछले एक वर्ष में टीबी का कोई मामला सामने नहीं आने पर सम्मानित किया गया। वहीं, टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने, समय पर जांच और मरीजों को उपचार के दौरान सहयोग देने में योगदान के लिए भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) को भी सम्मान मिला। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत कोरबा कलेक्ट्रेट में आयोजित जिला स्तरीय टीबी जागरूकता एवं सम्मान समारोह में यह सम्मान प्रदान किया गया।

चुहिया पंचायत को मिला कांस्य स्मृति चिह्न
चुहिया ग्राम पंचायत को टीबी उन्मूलन की दिशा में उपलब्धि के लिए महात्मा गांधी कांस्य स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। यह सम्मान नगर निगम कोरबा की महापौर संजू देवी राजपूत और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी ने दिया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और सरकारी अधिकारियों ने भाग लिया।

बालको जिले के 40 से अधिक गांवों में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने, समय पर जांच को प्रोत्साहित करने और उपचाररत मरीजों को सहयोग देने के लिए काम कर रहा है। कंपनी की स्वास्थ्य संबंधी पहल के तहत समुदाय तक पहुंच बनाकर लोगों को बीमारी की पहचान, जांच और नियमित उपचार के महत्व के बारे में जागरूक किया जा रहा है।

27 हजार लोगों तक पहुंचा आरोग्य अभियान
बालको के प्रोजेक्ट आरोग्य के तहत टीबी जागरूकता और जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से अब तक लगभग 27 हजार लोगों तक पहुंच बनाई गई है। वहीं, भारत सरकार की निक्षय मित्र पहल के अंतर्गत कंपनी ने करीब 110 टीबी मरीजों को पोषण सहायता, परामर्श और उपचार के दौरान सहयोग दिया है। मरीजों से नियमित संपर्क और स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय के जरिए उन्हें उपचार जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

जनस्वास्थ्य में उद्योगों की भूमिका अहम : राजेश सिंह
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक राजेश सिंह ने कहा कि भारत को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य प्रत्येक नागरिक के स्वास्थ्य और कल्याण से जुड़ा है। देश की प्रगति में जनस्वास्थ्य की महत्वपूर्ण भूमिका है और इसके लिए समाज के हर वर्ग तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत आर्थिक विकास के साथ समुदाय के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में भी अहम योगदान दे सकता है। बालको स्वास्थ्य योजनाओं और सामुदायिक सहयोग के माध्यम से टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।

समय पर जांच और उपचार से मिल रही मदद
सीएमएचओ डॉ. एस.एन. केशरी ने स्वास्थ्य सेवाओं में बालको के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि कंपनी टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने, समय पर जांच कराने और मरीजों को उपचार के दौरान सहायता देने में जमीनी स्तर पर सहयोग कर रही है। उन्होंने चुहिया ग्राम पंचायत में पिछले एक वर्ष में टीबी का कोई मामला सामने नहीं आने को सामूहिक प्रयासों का सकारात्मक परिणाम बताया।

कार्यक्रम में बालको की सहायता से लाभान्वित एक मरीज ने भी अपना अनुभव साझा किया। उसने बताया कि एक साल से अधिक समय तक स्वास्थ्य संबंधी परेशानी से जूझने के बाद टीबी की पुष्टि हुई। उपचार के दौरान बालको से मिली पोषण सहायता से उसे स्वस्थ होने में मदद मिली।

मरीज के अनुसार, उसका वजन 49 किलोग्राम से बढ़कर 53 किलोग्राम हो गया और अब उसकी टीबी जांच रिपोर्ट निगेटिव है। उसने बताया कि अब वह गांव के लोगों को समय पर जांच और इलाज कराने के लिए प्रेरित कर रहा है।

बालको की ओर से संचालित स्वास्थ्य पहलों के तहत जागरूकता, पोषण सहायता और नियमित परामर्श के जरिए टीबी मरीजों को उपचार पूरा करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य बीमारी की समय पर पहचान, उपचार में निरंतरता और समुदाय में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।