नराईबोध के अंदर स्कूल बस ले जाने पर सरपंच की आपत्ति, SECL प्रबंधन को पत्र

संकरी सड़क पर बस मोड़ने में हादसे का खतरा, दुर्घटना होने पर प्रबंधन की जवाबदेही तय करने की चेतावनी

कोरबा।गेवरा क्षेत्र में स्कूली बच्चों की बस के परिचालन को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। ग्राम पंचायत भिलाई बाजार की सरपंच रजनी मरकाम ने SECL गेवरा के मुख्य महाप्रबंधक को पत्र लिखकर DAV कुसमुंडा स्कूल बस को नराईबोध के अंदर तक ले जाने पर आपत्ति जताई है। उन्होंने सड़क की कम चौड़ाई, बस को मोड़ने में होने वाली परेशानी और दुर्घटना की आशंका का हवाला देते हुए बस को नराईबोध डायवर्शन तक ही संचालित करने की मांग की है।

मुख्यमंत्री की अनुशंसा पर मांगी गई थी बस
14 अक्टूबर 2026 को लिखे पत्र में सरपंच ने बताया है कि भिलाई बाजार के बच्चों की सुविधा के लिए मुख्यमंत्री की अनुशंसा पर स्कूल बस की मांग की गई थी। पंचायत की ओर से बड़ी बस उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था, लेकिन प्रबंधन ने 21 सीटर बस दी। इसके बावजूद पंचायत ने बस को लेकर कोई आपत्ति नहीं जताई।

दो किलोमीटर अंदर तक बस ले जाने पर आपत्ति
सरपंच के मुताबिक, वर्तमान में स्कूल बस नराईबोध डायवर्शन से बच्चों को लेकर जाती है, जिस पर पंचायत को कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन बस को नराईबोध के अंदर लगभग दो किलोमीटर तक ले जाना उचित नहीं है। पत्र में कहा गया है कि इससे बच्चों को स्कूल पहुंचने में देरी हो सकती है। साथ ही, अंदर की सड़क संकरी होने के कारण बस को मोड़ने और वापस निकालने में परेशानी होती है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

बस चालक से मारपीट की नौबत का भी उल्लेख
सरपंच ने पत्र में पूर्व में बस चालक के साथ विवाद और मारपीट की नौबत आने की घटना का भी जिक्र किया है। उनके अनुसार, उस समय उन्होंने हस्तक्षेप कर मामले में समझौता कराया था। उन्होंने आशंका जताई है कि बस के परिचालन को लेकर दोबारा ऐसी स्थिति पैदा हो सकती है।

इसलिए बच्चों की सुरक्षा और किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए बस के मार्ग को लेकर स्पष्ट व्यवस्था जरूरी है।

दुर्घटना होने पर प्रबंधन की जवाबदेही की चेतावनी
सरपंच रजनी मरकाम ने SECL प्रबंधन से मांग की है कि स्कूल बस को नराईबोध के अंदर तक नहीं भेजा जाए। पत्र में उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस मार्ग पर कोई दुर्घटना होती है, तो इसकी पूरी जवाबदेही SECL प्रबंधन की होगी।

अब देखना होगा कि बच्चों की सुरक्षा और बस के परिचालन से जुड़े इस मुद्दे पर प्रबंधन क्या निर्णय लेता है।